IFS अधिकारी ने एक दिन के गैंडे के बच्चे का वायरल वीडियो साझा किया। इसमें बच्चा माँ के साथ पहले कदम चल रहा है। यह वीडियो संरक्षण कार्यक्रम के तहत हर गैंडे की निगरानी का हिस्सा है, जिसे सुरक्षित दूरी से शूट किया गया।

प्रकृति और जंगली जानवरों की दुनिया वाकई कमाल की है। हमें अक्सर ऐसी चीजें देखने को मिलती हैं जो हैरान कर देती हैं। वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) के अधिकारी अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करते रहते हैं। इसी तरह, IFS अधिकारी परवीन कस्वां ने एक दिन के गैंडे के बच्चे का एक वीडियो शेयर किया है। ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दुर्लभ वीडियो

जब गैंडे की मां अपने छोटे बच्चे के साथ होती है, तो वह बहुत ज़्यादा चौकन्नी रहती है। अगर कोई बच्चे के पास आने की कोशिश करे, तो वह हमला भी कर सकती है। इसलिए, इस एक दिन के बच्चे का वीडियो बहुत सावधानी से एक ट्रेंड हाथी पर बैठकर शूट किया गया। इस बात की जानकारी खुद अधिकारी परवीन कस्वां ने दी है।

उन्होंने पोस्ट में लिखा, "अगर आपने कभी नहीं देखा कि एक दिन का गैंडे का बच्चा कैसा दिखता है।।। हमारे नेशनल पार्क में हर गैंडे का रिकॉर्ड रखा जाता है और उसकी निगरानी की जाती है।" इस वीडियो को अब तक 7 मिलियन (70 लाख) से ज़्यादा लोग देख चुके हैं। वायरल वीडियो में, नन्हा गैंडा अपनी मां के साथ अपने पहले कदम रखता हुआ दिख रहा है। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम जब अपनी रोज़ाना की गश्त पर थी, तब यह वीडियो रिकॉर्ड किया गया था।

गैंडे के बच्चे के पास जाना आसान नहीं

इस वीडियो को हाथी पर बैठकर एक सुरक्षित दूरी से शूट किया गया है। परवीन कस्वां ने बताया कि यहां हर नए बच्चे पर खास नजर रखी जाती है ताकि उनकी आबादी का रिकॉर्ड मेंटेन किया जा सके। यह डेटा उनके लंबे समय तक चलने वाले संरक्षण कार्यक्रम (conservation plan) में मदद करता है। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने कमेंट्स में सवाल पूछे। जवाब में परवीन कस्वां ने बताया कि मां गैंडे के पास जाते समय बहुत सावधान रहना पड़ता है। फॉरेस्ट अधिकारी भी जब गैंडों का रिकॉर्ड बनाते हैं, तो उन्हें एक सुरक्षित दूरी बनाए रखने जैसे कई प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होता है।

उन्होंने यह भी बताया कि गैंडे दिखने में भले ही शांत लगें, लेकिन अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर वे बहुत आक्रामक हो सकते हैं। कुछ साल पहले, बड़े पैमाने पर शिकार के कारण गैंडे विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए थे। इनके सींगों की तस्करी म्यांमार के रास्ते चीन तक की जाती थी। लेकिन वन विभाग के कड़े एक्शन और कोशिशों की वजह से अब इनकी संख्या फिर से बढ़ रही है।

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