IIT Bombay Student Suicide: IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे सुसाइड केस में एग्जाम हॉल का CCTV फुटेज सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि प्रोफेसर ने साहिल को मोबाइल के साथ पकड़ा, जिसके बाद वो बिना किसी बहस के बाहर चला गया। परिवार ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है और प्रोफेसर पर FIR दर्ज हो गई है।
IIT Bombay CCTV Footage: देश के मशहूर शिक्षण संस्थान IIT बॉम्बे (IIT Bombay) के छात्र साहिल वाकोडे सुसाइड केस में एक बड़ा अपडेट आया है। पुलिस के हाथ एग्जाम हॉल का CCTV फुटेज लगा है। यह फुटेज इस केस की जांच में सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। इससे साफ हो गया है कि एग्जाम के दौरान असल में क्या हुआ था। आइए आपको पूरी डिटेल बताते हैं।
CCTV वीडियो में क्या दिखा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वीडियो एग्जाम खत्म होने से कुछ मिनट पहले (दोपहर 12:30 से 12:45 के बीच) का है। साहिल पहली लाइन में बैठा था। वीडियो में वो अपनी दाईं जांघ के नीचे छिपाकर रखे गए फोन को बार-बार देखता नजर आ रहा है। वहां ड्यूटी पर मौजूद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की नजर उस पर पड़ जाती है। वो साहिल के पास जाते हैं और उससे फोन मांगते हैं। साहिल अपनी सीट से उठता है, प्रोफेसर को मोबाइल देता है। इसके बाद वो अपनी नोटबुक, किताबें और पानी की बोतल उठाता है और चुपचाप कमरे से बाहर निकल जाता है। वीडियो में प्रोफेसर डूला भी उसके साथ बाहर जाते दिख रहे हैं।
प्रोफेसर और छात्र के बीच कोई बहस नहीं हुई!
इस CCTV फुटेज की सबसे बड़ी बात ये है कि एग्जाम हॉल के अंदर साहिल और प्रोफेसर के बीच कोई झगड़ा या बहस नहीं हुई। बाकी छात्र आराम से अपना पेपर लिखते रहे। साहिल बिना कोई हंगामा किए कमरे से बाहर चला गया। पुलिस अफसरों का कहना है कि इस वीडियो से ये तो साबित होता है कि साहिल के पास मोबाइल था, लेकिन सिर्फ इसी वजह से उसने सुसाइड किया, ये कहना जल्दबाजी होगी। CCTV टाइमलाइन के हिसाब से, दोपहर करीब 1:25 बजे साहिल अपने हॉस्टल के कमरे की तरफ जाता दिखा। उसके बाद वो कभी बाहर नहीं आया। कुछ देर बाद ही उसकी मौत की खबर आ गई।
जातिगत भेदभाव का आरोप और FIR
इस घटना के बाद साहिल के परिवार ने प्रोफेसर डूला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साहिल के पिता का कहना है कि पिछले तीन महीने से उनके बेटे के साथ जातिगत भेदभाव हो रहा था और उसे मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा था। पिता की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने प्रोफेसर डूला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की आत्महत्या के लिए उकसाने वाली धारा और SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है।
IIT बॉम्बे की सफाई और एक्शन
IIT बॉम्बे प्रशासन ने जातिगत भेदभाव के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि साहिल ने कभी भी SC/ST सेल या प्रशासन को ऐसी कोई लिखित शिकायत नहीं दी थी। हालांकि, छात्रों के विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच पूरी होने तक प्रोफेसर डूला को डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से हटा दिया गया है और उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया है। संस्थान ने अपने शुरुआती बयान के लिए माफी भी मांगी है और कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं है।
पूर्व अटॉर्नी जनरल ने क्या कहा?
इस मामले पर न्यूज़ 18 के साथ बात करते हुए भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "एग्जाम में चीटिंग करते पकड़े जाने पर छात्र ने अपनी गलती मानी और फोन दे दिया। ऐसे में सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहे प्रोफेसर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाना हैरान करने वाला और बेतुका है।" फिलहाल पुलिस ने एग्जाम हॉल, कैंपस की लॉबी और हॉस्टल के CCTV फुटेज कब्जे में ले लिए हैं और मामले की तह तक जाने के लिए जांच तेज कर दी है।
