IIT Bombay Protest: IIT Bombay में 20 वर्षीय छात्र की कथित आत्महत्या के बाद छात्र और अभिभावक मौजूदा समिति भंग कर स्वतंत्र बाहरी जांच चाहते हैं। APPSC ने SC/ST नेतृत्व, 50% SC/ST प्रतिनिधित्व और कम से कम पांच महिला सदस्यों की मांग रखी। अभिभावक Azad Maidan में अनशन पर हैं और ‘आधी-अधूरी माफ़ी’ को खारिज किया।

IIT Bombay Suicide Case: मुंबई के IIT Bombay में 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की मौत के एक सप्ताह बाद परिसर में विरोध प्रदर्शन फिर तेज हो गया है। छात्रों ने संस्थान की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे भंग करने और स्वतंत्र बाहरी सदस्यों वाला नया जांच पैनल बनाने की मांग की है।

मौजूदा जांच समिति पर क्यों उठ रहे सवाल?

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि जांच पूरी होने से पहले ही समिति के कुछ सदस्यों ने पूर्व डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला के समर्थन में सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखी थी। इसी वजह से छात्रों का कहना है कि मौजूदा समिति की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। IIT Bombay के फैकल्टी फोरम ने हालांकि प्रो. दुल्ला के समर्थन में बयान दिया है।

बाहरी विशेषज्ञों वाली समिति की मांग

छात्रों ने मांग की है कि नई जांच समिति में IIT Bombay के मौजूदा छात्रों या कर्मचारियों को शामिल न किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चार नामों में से कम से कम दो बाहरी सदस्यों को शामिल करने का सुझाव दिया है। इनमें पूर्व योजना आयोग सदस्य भालचंद्र मुंगेकर, पत्रकार पी. साईनाथ, सामाजिक कार्यकर्ता राम पुनियानी और शिक्षाविद सुखदेव थोराट के नाम शामिल हैं।

SC/ST प्रतिनिधित्व और महिला सदस्यों की भी मांग

Ambedkar Periyar Phule Study Circle (APPSC) ने भी स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है। संगठन ने प्रस्ताव रखा है कि जांच समिति की अध्यक्षता किसी SC/ST सदस्य को दी जाए। साथ ही समिति में पर्याप्त SC/ST प्रतिनिधित्व, संबंधित मामलों के विशेषज्ञ बाहरी सदस्य और विभिन्न विषयों से महिला सदस्यों को शामिल करने की मांग की गई है।

कैंडललाइट मार्च से फिर तेज हुआ आंदोलन

साहिल वाकोडे की मौत को एक सप्ताह पूरा होने पर शुक्रवार रात IIT Bombay परिसर में कैंडललाइट मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार के Justice Corner से Hostel 4 तक गए। साहिल इसी हॉस्टल में मृत पाए गए थे। छात्रों ने मार्च के दौरान जांच समिति में बदलाव के साथ छात्र कल्याण और संस्थागत सुधारों से जुड़ी मांगें भी दोहराईं।

डायरेक्टर के इस्तीफे की भी मांग

प्रदर्शनकारियों ने IIT Bombay के निदेशक शिरीष केदारे के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है। इसके अलावा उनकी मांग है कि आपराधिक जांच पूरी होने तक प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला को संस्थान की सभी जिम्मेदारियों से दूर रखा जाए। IIT Bombay पहले ही उन्हें डीन के पद से हटाकर जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेज चुका है, हालांकि वह संस्थान में प्रोफेसर के तौर पर बने हुए हैं।

परिवार ने भी मांगी स्वतंत्र और पारदर्शी जांच

साहिल के माता-पिता ने भी स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने छात्रों से निष्पक्ष जांच के समर्थन में खड़े होने की अपील की है। परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को परिसर में जातिगत भेदभाव और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। इन आरोपों की जांच फिलहाल मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है।

परीक्षा के बाद हुई थी साहिल की मौत

साहिल की 18 सितंबर को हॉस्टल में मौत हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले उन्हें मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद परिवार की ओर से प्रो. दुल्ला समेत कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए और पुलिस में मामला दर्ज हुआ। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

क्राइम ब्रांच खंगाल रही CCTV और डिजिटल सबूत

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है। जांच में CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और छात्रों तथा संस्थान से जुड़े लोगों के बयानों की मदद से साहिल की मौत से पहले की घटनाओं की कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल IIT Bombay की आंतरिक जांच और पुलिस की आपराधिक जांच अलग-अलग स्तर पर चल रही हैं। छात्रों और परिवार की मुख्य मांग स्वतंत्र जांच को लेकर है, जबकि संस्थान की गठित समिति मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।