IIT Bombay की टॉपर स्टूडेंट प्रिया मिश्रा ने साहिल वाकोडे केस में प्रोफेसर सूर्य नारायण के खिलाफ हुए एक्शन पर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने परीक्षा में नकल को लेकर भी अपनी बात रखी।

Sahil Wakode Suicide Row: IIT बॉम्बे के स्टूडेंट साहिल वाकोड़े खुदकुशी केस में मचे बवाल के बीच संस्थान की टॉपर प्रिया मिश्रा का बयान सुर्खियों में है। IIT बॉम्बे की थर्ड ईयर की स्टूडेंट और टॉपर प्रिया मिश्रा ने साहिल वाकोडे केस में प्रोफेसर सूर्य नारायण दुल्ला के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। प्रिया ने कहा, साहिल वाकोडे के परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि इसकी सजा सूर्यनारायण सर को सजा क्यों दी जा रही है? उनके मुताबिक, अगर परीक्षा में नकल नहीं हुई होती तो प्रोफेसर दुल्ला कोई एक्शन नहीं लेते।

प्रिया मिश्रा ने IIT छात्रों की पढ़ाई और दबाव पर उठाए सवाल

  • प्रिया मिश्रा ने कहा कि कुछ छात्र कम पर्सेंटाइल के साथ IIT में एडमिशन लेते हैं और बाद में पढ़ाई का प्रेशर झेलने में परेशानी महसूस करते हैं।
  • प्रिया मिश्रा ने कहा, "पहले आप 30-40 परसेंटाइल के साथ IIT में आते हैं और फिर दबाव नहीं झेल पाने के कारण परीक्षा में मोबाइल से नकल करना चाहते हैं।"
  • प्रिया ने अपने उदाहरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह 90 प्रतिशत स्कोर कर सकती हैं, लेकिन उनके पास iPhone खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा, “सुविधा मुझे मिलनी चाहिए, न कि ऐसे बच्चों को।”
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प्रिया ने माता-पिता और एजुकेशन सिस्टम पर भी उठाए सवाल

  • प्रिया मिश्रा ने अपने बयान में इस मामले की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठाए।
  • उन्होंने कहा कि मामला केवल छात्र या शिक्षक तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके माता-पिता और उस सिस्टम पर भी सवाल होना चाहिए, जिसने एक ऐसे बच्चे को इतने बड़े संस्थान में भेजा, जो कथित तौर पर वहां के दबाव को संभाल नहीं पाया।
  • उन्होंने कहा कि मामला उनके माता-पिता के खिलाफ दर्ज होना चाहिए। साथ ही उन्होंने उस सिस्टम पर भी सवाल उठाया, जिसने एक "कमजोर बच्चे" को ऐसे संस्थान में दाखिला दिया।

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सूर्य नारायण डूला के इस्तीफे पर प्रिया का बयान

  • प्रिया मिश्रा ने प्रोफेसर सूर्य नारायण दुल्ला के इस्तीफे को लेकर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे मामले में एक शिक्षक को इस्तीफा देना पड़ता है, तो यह देश में ईमानदारी से काम करने वाले शिक्षकों के लिए गंभीर संदेश है। उन्होंने कहा, सूर्य नारायण सर का इस्तीफा इस देश में हर ईमानदार टीचर के अंत जैसा है।
  • प्रिया के मुताबिक, अगर शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए इस तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो आगे चलकर परीक्षा में नकल करने को भी लोग गंभीर या शर्मनाक नहीं मानेंगे।

क्या है पूरा मामला?

  • 18 सितंबर को IIT बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे ने अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली।
  • संस्थान का कहना है कि एक परीक्षा के दौरान साहिल मोबाइल फोन (चैटजीपीटी के इस्तेमाल) के साथ पकड़ा गया था।
  • बाद में उसकी काउंसलिंग हुई लेकिन किसी तरह की सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
  • वहीं, साहिल के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि परीक्षा के दौरान इनविजिलेटर रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला ने साहिल को जातिसूचक गालियां दीं और उसका मानसिक उत्पीड़न किया।
  • पिता की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा (आत्महत्या के लिए उकसाने) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।
  • इसके बाद भारी छात्र विरोध के चलते उन्हें सस्पेंड भी कर दिया गया।