सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए भुगतान की खबरों को खारिज किया है। यह एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं लगता। मौजूदा तनाव के चलते भारतीय नौसेना जहाजों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करेगी।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने के लिए पैसे देने पड़ रहे हैं। सरकार ने साफ किया है कि भारत ने इसके लिए किसी भी देश को कोई भुगतान नहीं किया है। यह एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है, इसलिए यहां से गुजरने के लिए किसी खास इजाजत की जरूरत नहीं होती। हालांकि, मौजूदा तनावपूर्ण हालात को देखते हुए कुछ कदम जरूर उठाए गए हैं। आने वाले दिनों में भारतीय नौसेना और ज्यादा भारतीय जहाजों को सुरक्षा देगी। इस मामले पर विदेश मंत्री एस। जयशंकर ने ईरान के राजदूत से भी बात की है। फिलहाल, एलपीजी (LPG) से लदे पांच भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूद हैं।

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दरअसल, हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें दावा किया गया था कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से भारी-भरकम फीस वसूलने की तैयारी में है। लंदन स्थित 'ईरान इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने जहाजों से 2 मिलियन डॉलर (करीब 18।8 करोड़ रुपये) तक की ट्रांजिट फीस वसूलने का फैसला किया है। रिपोर्ट में ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाउद्दीन बोरुजेर्दी के हवाले से कहा गया था कि यह फीस ईरान की ताकत को दर्शाती है।