भारत अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 11 और देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर रहा है। इनमें 6 खाड़ी (GCC) और 5 दक्षिण अमेरिकी (Mercosur) देश शामिल हैं। इससे खाद्य, ऊर्जा, दवा और कृषि जैसे क्षेत्रों में भारत को लाभ होगा।

नई दिल्ली: देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने और इकोनॉमी को और मज़बूत करने के लिए भारत ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारत जल्द ही 11 और देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन करने जा रहा है। मध्य पूर्व के 6 देश और दक्षिण अमेरिका के 5 देश भारत के साथ इस अहम समझौते के लिए आगे आए हैं। यह डेवलपमेंट यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की घोषणा के ठीक बाद हुआ है। जानकारों का मानना है कि यह ग्लोबल लेवल पर भारत के बढ़ते प्रभाव, दूसरे देशों की भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते बनाने की उत्सुकता और भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था का एक साफ़ उदाहरण है।

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जीसीसी के साथ समझौता, इसमें कौन-कौन देश हैं शामिल?

6 खाड़ी देशों वाले गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के साथ समझौते के शुरुआती चरण, यानी नियमों की रूपरेखा पर गुरुवार को साइन किए गए। जीसीसी में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं।

वहीं, पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना ने घोषणा की है कि भारत जल्द ही दक्षिण अमेरिका के 5 देशों के व्यापारिक गुट मर्कोसुर के साथ भी एक व्यापार समझौता करेगा। दुबई में चल रहे वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में बोलते हुए उन्होंने कहा, 'हम देख रहे हैं कि दुनिया के 3 सबसे बड़े व्यापार समझौते (भारत-ईयू, भारत-अमेरिका, भारत-मर्कोसुर) अंतरराष्ट्रीय व्यापार को एक नया रूप दे रहे हैं।' मर्कोसुर में अर्जेंटीना, ब्राजील, पैराग्वे, उरुग्वे और बोलीविया देश शामिल हैं।

भारत को क्या होगा फायदा?

फिलहाल, जीसीसी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं। भारत दुनिया के बड़े अनाज उत्पादक देशों में से एक है, जबकि जीसीसी देश बड़े तेल और गैस एक्सपोर्टर हैं। इसलिए, यह समझौता दोनों पक्षों के लिए खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाएगा। मर्कोसुर के साथ समझौते से भारत को दवा, रसायन, खाद्य और कृषि क्षेत्रों में फायदा होगा।