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मीटिंग में अचानक क्यों खड़े हो गए PM मोदी के सारे मंत्री? बंद कमरे का वो सस्पेंस जिसने सबको चौंकाया
क्या PM मोदी 4,399 दिन का रिकॉर्ड तोड़कर नेहरू से आगे निकल गए? क्या कैबिनेट का खड़े होकर सम्मान देना राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन है? क्या यह उपलब्धि NDA की रणनीतिक बढ़त और नई राजनीतिक दिशा का संकेत है? क्या यह भारत के वैश्विक प्रभाव की शुरुआत है?

PM Modi 4399 Days Record: भारतीय राजनीति के फलक पर बुधवार, 10 जून 2026 को एक ऐसा दृश्य देखा गया जो इससे पहले देश के इतिहास में कभी नहीं हुआ था। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दाखिल हुए, वैसे ही वहां मौजूद सभी मंत्रियों और कैबिनेट सदस्यों ने खड़े होकर (स्टैंडिंग ओवेशन) करतल ध्वनि से उनका ऐतिहासिक स्वागत किया। अवसर था—पीएम मोदी का लगातार 4,399 दिनों तक पद पर रहकर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 61 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ना। कैबिनेट ने बिना एक पल गंवाए इस अभूतपूर्व उपलब्धि के सम्मान में एक विशेष 'महा-प्रस्ताव' पास किया, जिसने देश की सियासत में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

जब कैबिनेट रूम में अचानक सब खड़े हो गए... क्या था उस बंद कमरे का सस्पेंस?
इस हाई-प्रोफाइल कैबिनेट बैठक के शुरू होने से पहले किसी को अंदाजा नहीं था कि मंत्रियों ने अपने नेता के सरप्राइज के लिए क्या योजना बनाई थी। जैसे ही बैठक की औपचारिक शुरुआत हुई, देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले 'निर्वाचित' प्रधानमंत्री बनने पर पीएम मोदी की तारीफों के पुल बांधे जाने लगे।
WATCH: Cabinet passes a resolution applauding PM #NarendraModi for becoming the longest-serving elected Prime Minister for consecutive terms.
Members of the cabinet also gave a standing ovation to PM Modi. #LongestServingElectedPMModipic.twitter.com/OGfY2e7BHF— All India Radio News (@airnewsalerts) June 10, 2026
प्रस्ताव में कहा गया कि 26 मई 2014 से शुरू हुआ यह अटूट सफर आज देश को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाने के मुकाम पर ले आया है। कैबिनेट के इस आदर भाव और भारी सम्मान को देखकर खुद प्रधानमंत्री भावुक नजर आए। बीजेपी ने इस मौके को भुनाने के लिए पीएम मोदी को 'अथक कर्मयोगी' की उपाधि दी है, और पूरी दिल्ली को एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के लिए सजा दिया गया है।
पीएम मोदी का वो संस्कृत श्लोक: सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी बहस?
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के ठीक बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद रहस्यमयी और गहरा संदेश पोस्ट किया, जिसने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने जनसेवा को सुशासन की सबसे बड़ी परीक्षा बताते हुए एक संस्कृत श्लोक साझा किया: "सदानुरक्तप्रकृतिः प्रजापालनतत्परः। विनीतात्मा हि नृपतिर्भूयसीं श्रियमश्नुते॥"
#WATCH | Patna, Bihar: On PM Modi becoming India’s longest continuously serving elected Prime Minister, Dy CM Vijay Kumar Chaudhary says, "The PM has set a record and this is a matter of pride for the entire NDA." pic.twitter.com/S3MXhouhtg
— ANI (@ANI) June 10, 2026
इसका अर्थ स्पष्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि जो राजा हमेशा अपनी जनता की देखभाल के लिए समर्पित रहता है और अपने भीतर विनम्रता रखता है, वही अधिक समृद्धि और जनता का अटूट भरोसा प्राप्त करता है। इस श्लोक के जरिए पीएम मोदी ने विरोधियों को विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया है, जिसे राजनीति में एक बड़े रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
पूर्व राष्ट्रपति का बड़ा बयान: "औपनिवेशिक हीन भावना का हुआ अंत"
पीएम मोदी के इस स्वर्णिम सफर पर देश के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने वैचारिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। कोविंद ने पीएम मोदी के इस 12 साल के कार्यकाल को "आज़ादी के बाद भारत के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट" करार दिया।
#WATCH | Delhi: On Narendra Modi being India’s longest continuously serving PM, BJP MP Bansuri Swaraj says, "When the resolve is firm, history is made. The record that Prime Minister Modi has created of being the longest-serving elected Prime Minister is a symbol of service, good… pic.twitter.com/cpzXvOjWDJ
— ANI (@ANI) June 10, 2026
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि इस सरकार ने देश को उस 'हीन भावना' से बाहर निकाला है जो औपनिवेशिक (गुलामी के) शासन के दौरान भारतीयों के भीतर भर दी गई थी। वहीं दूसरी तरफ, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस रिकॉर्ड को करोड़ों भारतीयों के प्यार और अटूट भरोसे का नतीजा बताते हुए कहा कि यह 4,399 दिनों का सफर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का एक "सुनहरा अध्याय" बन चुका है।
वॉशिंगटन से कुआलालंपुर तक खलबली: विदेशी ताकतों ने भी माना लोहा
नरेंद्र मोदी के इस महा-रिकॉर्ड की गूंज केवल दिल्ली के लुटियंस जोन तक सीमित नहीं रही, बल्कि सात समंदर पार सुपरपावर्स के दफ्तरों तक जा पहुंची। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने तत्काल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीएम मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके इस लंबे कार्यकाल ने भारत को वैश्विक मंच पर एक नई महाशक्ति के रूप में स्थापित किया है। इसी बीच, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के एक आधिकारिक ट्वीट ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। अमेरिकी राजदूत ने लिखा: "भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने पर नरेंद्र मोदी को बधाई। यह ऐतिहासिक मील का पत्थर दशकों की उनकी समर्पित जनसेवा और दूरदर्शी नेतृत्व का एक सशक्त प्रमाण है!"
महा-मंथन की तैयारी: क्या होने वाला है कोई और बड़ा धमाका?
इस जश्न के समानांतर, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मनसुख मंडाविया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और प्रार्थनाएं की हैं। लेकिन असली सस्पेंस इस बात को लेकर है कि इस ऐतिहासिक पड़ाव को पार करने के बाद एनडीए का अगला कदम क्या होगा? आज ही नई दिल्ली में होने जा रही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की महा-बैठक में सरकार के आगामी कड़े फैसलों और 'विकसित भारत विजन' के भविष्य के रोडमैप की समीक्षा की जानी है। नेहरू का निर्वाचित रिकॉर्ड ध्वस्त करने के बाद, पीएम मोदी का यह नया राजनीतिक रथ देश को किस ओर ले जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
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