BRICS 2026: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे और PM मोदी से द्विपक्षीय बैठक की। रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और निवेश के साथ BRICS Summit में वैश्विक मुद्दों पर नजर रहेगी।
नई दिल्ली में BRICS Summit से पहले कूटनीति का तापमान बढ़ गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को भारत मंडपम पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक शुरू हुई। दुनिया की नजर इस मुलाकात पर इसलिए भी है क्योंकि बातचीत का दायरा रक्षा से लेकर ऊर्जा, व्यापार और निवेश तक फैला हुआ है।
युद्ध के बाद पहली बार विदेश में BRICS बैठक में पुतिन
पुतिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं और उनके साथ रूस का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा है। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब पुतिन रूस से बाहर आयोजित किसी BRICS शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में भारत में उनकी मौजूदगी को सिर्फ BRICS बैठक तक सीमित नहीं माना जा रहा। मोदी और पुतिन की आमने-सामने बातचीत दोनों देशों के पुराने रणनीतिक रिश्तों की दिशा तय करने के लिहाज से अहम है।
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रक्षा, ऊर्जा और व्यापार पर रहेगी नजर
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की बैठक में रक्षा सहयोग सबसे अहम मुद्दों में से एक रहने की उम्मीद है। संभावित रक्षा समझौतों पर भी खास नजर रहेगी। इसके अलावा ऊर्जा सहयोग, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा हो सकती है। भारत और रूस के बीच रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच रिश्तों को और मजबूत करने का संदेश भी दे सकती है।
BRICS में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर होगी चर्चा
भारत की मेजबानी में दो दिवसीय BRICS Summit शनिवार से नई दिल्ली में शुरू होगा। सम्मेलन में खाद्य, ऊर्जा और स्वास्थ्य सुरक्षा के अलावा आपदा प्रबंधन और जरूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, व्यापारिक तनाव और अमेरिकी टैरिफ नीतियों के बीच इस सम्मेलन का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे माहौल में मोदी-पुतिन मुलाकात और BRICS में भारत की भूमिका पर दुनिया की निगाहें टिकी रहेंगी।
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