PIB फैक्ट चेक ने भारतीय वायु सेना द्वारा ईरान पर हमले में इजरायली जेट्स की मदद करने के दावे को फर्जी बताया है। सरकार ने इसे दुष्प्रचार करार देते हुए लोगों से अफवाहों से बचने को कहा है। नागरिकों से केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की गई है।
नई दिल्लीः भारत सरकार ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर भारतीय वायु सेना को लेकर किया जा रहा एक वायरल दावा पूरी तरह से फर्जी है। PIB फैक्ट चेक ने कहा है कि जिन रिपोर्ट्स में ईरान पर हमले के दौरान भारत द्वारा इजरायली विमानों की मदद करने का दावा किया जा रहा है, वे झूठी और गुमराह करने वाली हैं। कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर दावा किया गया था कि इजरायली जेट्स को गुजरात के नलिया एयरबेस से भारतीय वायु सेना ने रीफ्यूलिंग (ईंधन भरने) और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था। दावे में यह भी कहा गया कि यह मदद ईरान के चाबहार पोर्ट पर हाल में हुए एक इजरायली हमले के दौरान दी गई।
पोस्ट में यह भी बताया गया कि यह एयरबेस गुजरात के कच्छ जिले में सर क्रीक बॉर्डर इलाके के पास है।
सरकार का जवाब और सफाई
PIB फैक्ट चेक ने इस दावे को सख्ती से खारिज किया है। उसने कहा कि ऑनलाइन शेयर की जा रही यह जानकारी झूठी है और भ्रम फैलाने की एक सोची-समझी कोशिश का हिस्सा है। अधिकारियों ने इसे दुष्प्रचार का मामला बताया है, जिसका मकसद तनाव पैदा करना है। सरकार ने यह भी बताया कि इस तरह के दावे कुछ खास प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाए जा रहे हैं।
गलत जानकारी के खिलाफ चेतावनी
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जांचे-परखे किसी भी जानकारी को शेयर न करें। उन्होंने कहा कि ऐसी झूठी खबरें फैलाने से घबराहट पैदा हो सकती है और लोगों का भरोसा टूट सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे भारतीय वायु सेना से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। सही अपडेट के लिए, सरकार ने यूजर्स से भारतीय वायु सेना के आधिकारिक चैनलों को फॉलो करने के लिए कहा है।
फर्जी खबर की शिकायत कैसे करें
सरकार ने भ्रामक कंटेंट की शिकायत करने के तरीके भी बताए हैं। नागरिक ऐसी पोस्ट की शिकायत व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए फैक्ट-चेक टीम को कर सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने के लिए जनता का सहयोग बहुत जरूरी है। इस ताजा सफाई से यह साफ हो गया है कि भारत ने बताए गए हमले में इजरायली जेट्स को कोई मदद नहीं दी थी। सरकार ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों को शेयर करने से बचने को कहा है।
