लंदन में एक भारतीय मूल की महिला को 'आंटी' कहना सहकर्मी को महंगा पड़ा। महिला की शिकायत पर कोर्ट ने इसे उत्पीड़न माना और NHS ट्रस्ट को लगभग 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। यह रकम आरोपी सहकर्मी से वसूली जाएगी।

हमारे यहां, खासकर बेंगलुरु जैसे शहरों में, किसी भी महिला को 'आंटी' कह देना बहुत आम बात है। कुछ लोग इसे सम्मान देने का तरीका मानते हैं, तो कुछ अपनी उम्र कम दिखाने के लिए ऐसा करते हैं। लेकिन कई महिलाओं को ये बिल्कुल पसंद नहीं आता, खासकर जब कोई बड़ी उम्र का आदमी उन्हें 'आंटी' कहे। सोशल मीडिया पर भी इस पर अक्सर बहस होती रहती है।

2 लाख रुपये का मुआवजा

अब ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां 'आंटी' कहना एक शख्स को बहुत महंगा पड़ गया। उसे करीब 2 लाख रुपये का मुआवजा देना पड़ा। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी को इस तरह 'आंटी' कहना उत्पीड़न के बराबर है। इसलिए अब किसी को 'आंटी' कहने से पहले थोड़ा सावधान रहना बेहतर है। वैसे ये मामला भारत का नहीं, बल्कि लंदन का है। लेकिन केस जीतने वाली महिला भारतीय मूल की हैं। 61 साल की इस महिला ने अपने सहकर्मी को पहले भी 'आंटी' कहने से मना किया था, लेकिन वो नहीं माना।

कहां हुई घटना?

यह घटना लंदन की है। नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) में काम करने वाली भारतीय मूल की हेल्थ असिस्टेंट एस्टीव्स (Estives) ने अपने एक नर्स सहकर्मी के खिलाफ वहां की कोर्ट में उत्पीड़न का केस दायर किया और जीत गईं। वैटफोर्ड एम्प्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल के जज जॉर्ज एलियट ने फैसला सुनाया कि यह उम्र और लिंग के आधार पर किया गया उत्पीड़न है। उन्होंने वेस्ट लंदन NHS ट्रस्ट को आदेश दिया कि महिला की 'भावनाओं को ठेस पहुंचाने' के लिए कुल 1,425।15 पाउंड (करीब 2 लाख रुपये) का मुआवजा दिया जाए। अब यह रकम ट्रस्ट उस नर्स, चार्ल्स ओपोंग, से वसूलेगा।

उत्पीड़न के बराबर माना गया

यह केस पिछले साल फाइल हुआ था। तीन जजों की बेंच ने इस मामले की जांच की। बेंच ने यह भी माना कि नर्स चार्ल्स ओपोंग के देश घाना की संस्कृति में 'आंटी' शब्द बड़ों के लिए एक सम्मान का प्रतीक है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि चार्ल्स वार्ड में टीमों को लीड करने जैसी जिम्मेदार पोस्ट पर थे, इसलिए उनका ऐसा कहना गलत था। फैसले में कहा गया, "हमें लगता है कि चार्ल्स ओपोंग का इरादा शायद भद्दे तरीके से मजाक करने का था।"