भारत का एक आवारा कुत्ता, अलोक, बौद्ध भिक्षुओं के साथ अमेरिका में शांति यात्रा पर है। वह शांति का संदेश देते हुए 3,000 मील से ज़्यादा चल चुका है। सोशल मीडिया पर वह शांति के प्रतीक के रूप में लोकप्रिय हो गया है।
अलोक भारत में पैदा हुआ एक आम आवारा कुत्ता था। लेकिन, आज वह अमेरिका में बौद्ध भिक्षुओं के साथ हजारों मील लंबी शांति यात्रा का हिस्सा है। दुनिया में शांति का संदेश देने के लिए बौद्ध भिक्षु पूरे अमेरिका में 'वॉक ऑफ पीस' नाम से पदयात्रा कर रहे हैं और अलोक इस यात्रा का एक अहम सदस्य है। यह यात्रा 'हुआंग दाओ विपासना आध्यात्मिक केंद्र' की अगुवाई में हो रही है। भारत में एक दिन अचानक यह आवारा कुत्ता भिक्षुओं के साथ चलने लगा। इसके बाद उसने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा। जब भिक्षु अमेरिका जाने लगे, तो वे अलोक को भी अपने साथ ले गए।
उसे अलोक नाम भी इन्हीं बौद्ध भिक्षुओं ने दिया। संस्कृत में 'अलोक' का मतलब 'रोशनी' होता है। फिलहाल, यह टीम कैलिफोर्निया से वाशिंगटन डी.सी. की यात्रा पर है। अलोक अब तक भिक्षुओं के साथ 3,000 मील (4828 किमी से ज्यादा)से ज़्यादा का सफर तय कर चुका है। भिक्षुओं के साथ शांति से चलते हुए अलोक के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब ध्यान खींच रहे हैं।
भिक्षुओं का कहना है कि यात्रा के दौरान लोग अलोक का प्यार से स्वागत कर रहे हैं। भिक्षुओं के साथ अमेरिका के अलग-अलग इलाकों से गुजरता हुआ अलोक अब शांति का एक नया प्रतीक बन गया है। सोशल मीडिया पर कई लोग अलोक के लिए अपना प्यार जता रहे हैं। उसके बहुत सारे प्रशंसक भी हैं। अलोक का अपना इंस्टाग्राम पेज भी है, जिसके 1.5 लाख फॉलोअर्स हैं। पेज पर एक पोस्ट में कहा गया है कि भिक्षुओं के साथ चलता अलोक इस बात का प्रतीक है कि सभी जीव शांति की ओर बढ़ रहे हैं।
