IndiGo ने ATF Price Hike के चलते 6 अक्टूबर से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का Fuel Surcharge बढ़ाया है। घरेलू टिकट पर ₹100 से ₹350 तक अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। त्योहारी सीजन में क्या हवाई सफर और महंगा होगा? जानें Air Fare पर कितना असर होगा।

IndiGo Fuel Surcharge Hike: त्योहारों का सीजन पास आ रहा है और ऐसे में अगर आप हवाई यात्रा करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी झटके से कम नहीं है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने एक बार फिर से अपनी उड़ानों के किरायों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। एविशन टर्बाइन फ्यूल यानी जेट ईंधन (ATF) की आसमान छूती कीमतों के चलते एयरलाइन ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है।

इंडिगो का फ्यूल सरचार्ज बढ़ा, हवाई टिकटों के दाम क्यों हुए तेज?

पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ रही तेल की कीमतों ने एयरलाइंस कंपनियों की कमर तोड़ दी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जेट ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है और यह बढ़कर सीधे 137 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है, जो पहले करीब 121 रुपये हुआ करती थी। अकेले पिछले महीने ही इसमें 14% से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। चूँकि किसी भी एयरलाइन की कुल ऑपरेटिंग लागत का लगभग 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ फ्यूल पर ही खर्च होता है, इसलिए ईंधन के दाम बढ़ने से कंपनियों के लिए अपने खर्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि इंडिगो ने यात्रियों पर इसका बोझ डालने का फैसला किया है।

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घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर कितनी बढ़ेगी कीमत?

यात्रियों की जेब पर पड़ने वाले इस असर की बात करें तो, घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज में दूरी के हिसाब से 100 रुपये से लेकर 350 रुपये तक की सीधी बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के सफर के लिए भी यात्रियों को अब ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। जानकारों का मानना है कि इस कदम के बाद भारत के एविएशन मार्केट में एक चेन रिएक्शन शुरू हो सकता है, और एयरलाइंस कंपनियां भी अपनी बढ़ती लागत को मैनेज करने के लिए किराए में इसी तरह की बढ़ोतरी कर सकती हैं।

Air Fare Hike: क्या दूसरी एयरलाइंस भी बढ़ाएंगी किराया?

ATF की लगातार बढ़ती कीमतों से दूसरी एयरलाइंस पर भी लागत का दबाव बढ़ सकता है। जानकारों के मुताबिक, कुछ कंपनियां इसका बोझ यात्रियों पर फ्यूल सरचार्ज या बढ़े हुए हवाई किराए के रूप में डाल सकती हैं। हालांकि, यह प्रतिस्पर्धा, यात्रियों की मांग और उपलब्ध सीटों पर निर्भर करेगा। त्योहारी सीजन में हवाई यात्रा की मांग बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में बढ़ा हुआ फ्यूल सरचार्ज यात्रियों की जेब पर कितना असर डालेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

त्योहारी सीजन में आम जनता की जेब पर पड़ेगा भारी असर

त्योहारों के इस दौर में जब लोग अपने घरों और छुट्टियों पर जाने के लिए फ्लाइट्स की बुकिंग कराते हैं, ऐसे वक्त में किराए का बढ़ना आम आदमी के बजट को बिगाड़ सकता है। हालांकि, अन्य एयरलाइंस इस बढ़ी हुई लागत का कितना हिस्सा खुद उठाएंगी और कितना यात्रियों पर डालेंगी, यह पूरी तरह से मार्केट कॉम्पिटिशन और पैसेंजर्स की डिमांड पर निर्भर करेगा। लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में प्लेन से सफर करना थोड़ा महंगा जरूर हो गया है।