Indore Emotional News : इंदौर में आखिर ऐसा क्या हुआ... मां-बेटे की एक साथ उठी अर्थी? मां का दिल बेटे के बिना नहीं धड़का…क्या है इस दर्दनाक कहानी का सच? कुदरत का कैसा फैसला? बेटा गया तो मां ने भी थाम लिया हाथ

मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसी मार्मिक खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर के रख दिया। शहर के भंडारी मिल मार्ग स्थित श्रीनाथ विहार अपार्टमेंट में रहने वाले 55 वर्षीय राजुल शर्मा की रविवार को मौत हो गई थी। जैसे ही बेटे की यह दुखद सूचना उनकी 75 वर्षीय मां किरण शर्मा को पता चली तो उन्होंने कुछ ही मिनटों में सदमें अपने प्राण त्याग दिए। लेकिन सबसे दुखद वो वक्त था, जब एक साथ मां-बेटे की अर्थी घर से निकलीं तो देखने वालों का कलेजा फट गया। परिजन और रिश्तेदार फूट-फूटकर रो पड़े। हर कोई यही कहता रहा हे विधाता यह तूने क्या कर दिया।

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बेटे को देखते ही फूट-फूटकर रो पड़ीं मां

दरअसल, कंप्यूटर डिजाइनर राजुल की मौत के बाद घर में अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही थीं। राजुल की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी। यह खबर मां किरण शर्मा को नहीं पता चले इसलिए उन्हें पास में ही रहने वाली बेटी के घर भेज दिया था। लेकिन अचानक वह लिफ्ट से बाहर निकलीं तो उन्हें बेटे का शव दिखाई दिया तो वह फूट-फूटकर रो पड़ीं। बेटे के सिर पर हाथ फेरते ही वे अचानक बेसुध होकर हो गईं। आनन-फानन में उनको हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उनको भी मृत घोषित कर दिया। अब सोमवार को दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

है ईश्वर ऐसा किसी के साथ नहीं करना...

मृतक राजुल के चाचा राजेश ने बताया कि उनकी भाभी और भतीजे दोनों की ही बहुत पहले बायपास सर्जरी हो चुकी थी। परिवार में अधिकतर लोगों की बायपास हिस्ट्री है। लेकिन इतनी बुरी हालत भी नहीं थी। लेकिन यह नहीं सोचा था कि ऐसा हो जाएगा। हमारे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है, भगवान ने हमसे सबकुछ छीन लिया। यह दर्द असहनीय है...। वहीं पड़ोसी भी आंसू बहा रहे हैं। उनका कहना है कि पता नहीं परिवार इस सदमे से कब उबर पाएगा। एक ही दिन में दो जिंदगियां खत्म होना बहुत ही बुरा है। ऐसा ईश्वर किसी के साथ नहीं करे।

मां बेटे की मौत के बाद किया बड़ा फैसला

बता दें कि मृतकों के परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए दोनों का नेत्रदान करने का फैसला किया है। अंगदान की यह प्रक्रिया मुस्कान ग्रुप के सेवादारों की मदद से की गई है। परिवार ने कहा-हमारे अपने तो नहीं रहे, लेकिन उनकी आंखों से चार लोगों की जिंदगी में रोशनी लौटेगी। हम समझेंगे वह इन लोगों के जरिए ही दुनिया देख रहे हैं।