इंदौर नगर निगम में 'वंदे मातरम' गाने पर विवाद हुआ। 2 कांग्रेस पार्षदों ने इस्लाम का हवाला देकर इसे गाने से इनकार कर दिया। बीजेपी ने इसे अपमान बताया, जबकि कांग्रेस ने भी अपने पार्षदों की निंदा कर कार्रवाई की बात कही है।

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम की बैठक में 'वंदे मातरम' गाने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के पार्षद आपस में भिड़ गए। पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस की दो पार्षदों, फ़ौज़िया शेख़ आलिम और रुबीना इक़बाल ने यह कहते हुए वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया कि "इस्लाम में इसकी इजाज़त नहीं है"। बैठक की शुरुआत में जब वंदे मातरम गाया जा रहा था, तो कांग्रेस की ये दोनों महिला पार्षद अपनी जगह पर बैठी रहीं। इस पर बीजेपी पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे राष्ट्रीय भावना का अपमान बताया। जवाब में दोनों कांग्रेस पार्षदों ने चुनौती देते हुए कहा, "ऐसा कौन-सा कानून है जो कहता है कि बैठक में वंदे मातरम गाना ही पड़ेगा? लिखित आदेश दिखाइए।" हंगामा इतना बढ़ गया कि सभापति मुन्नालाल यादव ने फ़ौज़िया को सदन से बाहर जाने का आदेश दे दिया।

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अल्लाह ही हमारे लिए एकमात्र ईश्वर हैं

सदन से बाहर आने के बाद रुबीना इक़बाल ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "हमारे मज़हब के मुताबिक, अल्लाह ही एकमात्र ईश्वर हैं। 'वंदे' का मतलब होता है वंदना करना या पूजना। हम अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत नहीं कर सकते। हमें 'सारे जहां से अच्छा' गाने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वंदे मातरम गाना इस्लाम में हराम है।" उन्होंने आगे बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, "इंदौर में बीजेपी मुसलमानों के कारोबार में अड़ंगा डालती है। अगर ऐसा है तो उन्हें ईरान से आने वाला तेल भी इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए।"

कांग्रेस हाईकमान पर भी साधा निशाना

रुबीना ने अपनी ही पार्टी कांग्रेस पर भी नाराज़गी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा, "कांग्रेस मुसलमानों को सिर्फ़ एक वोट बैंक समझती है। अगर पार्टी हमें निकालती है, तो हम निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे या फिर ओवैसी की पार्टी (AIMIM) में शामिल हो जाएंगे।"

बीजेपी और कांग्रेस की प्रतिक्रिया

बीजेपी नेता सुमित मिश्रा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "आज़ादी की लड़ाई के दौरान कांग्रेस के अधिवेशनों में ही सबसे पहले वंदे मातरम गाया गया था। अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ान जैसे क्रांतिकारी वंदे मातरम कहते हुए फांसी पर चढ़ गए थे। ये लोग देश के वीरों का अपमान कर रहे हैं।"

इस बयान से कांग्रेस पार्टी की काफ़ी किरकिरी हुई है। कांग्रेस प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने सख़्त शब्दों में कहा, "जो लोग देश के हितों की रक्षा नहीं कर सकते और वंदे मातरम नहीं गा सकते, वे पाकिस्तान जाकर रहें। कांग्रेस इस तरह के बचकाने बर्ताव को बर्दाश्त नहीं करेगी और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी।" फिलहाल, बीजेपी दोनों पार्षदों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रही है, और इस विवाद ने इंदौर की सियासत में हलचल मचा दी है।