TMC candidate Jahangir Khan Falta: पश्चिम बंगाल के फालता में चुनावी रहस्य गहराया: मतदाता धमकी के आरोपों के बीच IPS अजय पाल शर्मा ने TMC उम्मीदवार जहांगीर खान को सख्त चेतावनी दी। सुरक्षा गड़बड़ी और अतिरिक्त पुलिस तैनाती पर सवाल उठते ही BJP-TMC टकराव से चुनावी माहौल रहस्यमय और तनावपूर्ण बन गया।

IPS Ajay Pal Sharma Warning TMC Candidate: पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल उस समय अचानक गरमा गया, जब मतदाताओं ने कथित तौर पर धमकी और डराने-धमकाने की शिकायतें दर्ज कराईं। शिकायतों के बाद चुनाव पर्यवेक्षक और IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान से जुड़े लोग मतदाताओं पर दबाव बना रहे थे।

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‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ की सख्त चेतावनी

मौके पर पहुंचकर जब अजय पाल शर्मा को उम्मीदवार नहीं मिले, तो उन्होंने उनके परिवार के सदस्यों से सीधे बातचीत की। इसी दौरान उन्होंने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी-“अगर लोगों को धमकाने की शिकायतें आती हैं, तो हम सख्ती से निपटेंगे। अगर कोई गलत काम करता है या मतदाताओं को परेशान करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि बार-बार शिकायतें मिल रही हैं और यदि यह सिलसिला जारी रहा, तो इसे बेहद गंभीरता से लिया जाएगा। उनकी इस टिप्पणी के बाद चुनावी हलकों में हलचल मच गई।

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पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच के दौरान एक और विवाद सामने आया, जब शर्मा ने पाया कि उम्मीदवार की सुरक्षा में 14 पुलिसकर्मी तैनात थे, जबकि निर्धारित ‘Y-श्रेणी’ सुरक्षा के तहत केवल 10 जवानों की अनुमति होती है। इस विसंगति पर उन्होंने तुरंत स्पष्टीकरण मांगा और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया।

TMC से लेकर SP तक के तेवर तल्ख 

घटना के बाद सियासी तापमान और बढ़ गया। बीजेपी नेताओं ने अजय पाल शर्मा की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि यह चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था का संदेश है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने अधिकारी पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनकी नियुक्ति और पिछले रिकॉर्ड पर आपत्ति जताई।

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टीएमसी ने आरोप लगाया कि ऐसे अधिकारी की तैनाती चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बयान देते हुए इसे राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा मामला बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

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बढ़ता तनाव, बढ़ती निगरानी

इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की धमकी, दबाव या अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि आगे यह सियासी टकराव किस दिशा में जाता है।