ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी शांति वार्ता से इनकार किया है। उसने राष्ट्रपति ट्रंप के सकारात्मक बातचीत के दावों को 'फर्जी खबर' बताया। ईरान के अनुसार, अमेरिका तेल बाजार को प्रभावित करने के लिए ऐसी अफवाहें फैला रहा है।

तेहरान: ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के साथ तनाव कम होने की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कोई शांति वार्ता नहीं हुई है। इससे पहले अमेरिका ने दावा किया था कि ईरान के साथ संघर्ष को पूरी तरह खत्म करने के मकसद से हो रही बातचीत में 'सकारात्मक प्रगति' हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दो दिन की चर्चा के बाद कहा था कि वो ईरान को शांति के लिए एक और मौका दे रहे हैं।

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ट्रंप ने यह भी कहा था, "ईरान के साथ बातचीत चल रही है ताकि यह तय हो सके कि क्या कोई बड़ा समझौता हो सकता है। इस बार ईरान चीजों को गंभीरता से ले रहा है। वे एक समझौता चाहते हैं, वे शांति चाहते हैं।"

लेकिन, ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ ऐसी कोई बातचीत नहीं हो रही है। ईरानी संसद के स्पीकर ने ट्रंप के दावों को 'फर्जी खबर' बताया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ऐसी झूठी खबरें फैलाकर कच्चे तेल जैसे बाजारों को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश कर रहा है। दरअसल, युद्ध टलने की उम्मीद में दुनिया भर के बाजारों में थोड़ी राहत दिखी थी और तेल की कीमतें भी नीचे आ गई थीं। ईरान के मुताबिक, अमेरिका का असली मकसद यही है।

ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने यह भी ऐलान किया था कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने के लिए पांच दिन का और समय दिया गया है और इस दौरान ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा था कि उन्होंने इस बारे में रक्षा विभाग को आदेश दे दिए हैं। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि असल में ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति को पीछे हटना पड़ा। ईरानी न्यूज़ एजेंसी ने रिपोर्ट किया है कि ईरान की तरफ से ट्रंप के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है।