Israel-Iran Conflict: इज़राइल ने इसी महीने ईरान पर भीषण हमले की तैयारी कर ली थी, लेकिन ट्रम्प ने 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों का हवाला देकर इसे रुकवा दिया। जानिए पूरी खबर कि चुनावों के बाद क्या रुख अपनाएंगे अमेरिका और इज़राइल।
Trump-Netanyahu: मिडिल ईस्ट में हालात फिर बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। इज़राइल ने अक्टूबर की शुरुआत में ईरान पर कई दिनों तक चलने वाले बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर ली थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोध के बाद योजना फिलहाल टाल दी गई। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रस्तावित हमले में परमाणु ठिकानों के साथ नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाने की योजना थी। ट्रंप ने 3 नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले नया युद्ध शुरू करने पर आपत्ति जताई थी।
Israel-Iran Attack Plan: परमाणु ठिकानों के साथ बिजली संयंत्र भी निशाने पर
- रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइली सेना 10 अक्टूबर वाले सप्ताहांत में कई दिनों तक चलने वाली बमबारी के लिए तैयार थी।
- अभियान में ईरान की परमाणु सुविधाओं और शासन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया जाना था।
- बिजली संयंत्रों समेत कुछ नागरिक बुनियादी ढांचे भी प्रस्तावित लक्ष्यों में शामिल थे।
- रिपोर्ट में इसे 28 फरवरी के अमेरिका-इज़राइल हमले से भी ज्यादा व्यापक अभियान बताया गया।
- हालांकि, ट्रंप की आपत्ति के बाद इसे फिलहाल के लिए रोक दिया गया।
ट्रंप पहले ही कह चुके थे कि 3 नवंबर तक ईरान पर हमला नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद उन्होंने बाद में ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसने अपना रुख नहीं बदला तो अमेरिका और इज़राइल अपना अभियान पूरा कर सकते हैं।
Trump-Netanyahu: क्या फिर साथ हमला करेंगे अमेरिका और इज़राइल?
रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि प्रस्तावित नए अभियान में अमेरिका सीधे शामिल होने वाला था या नहीं। हालांकि, एक सूत्र ने कहा कि आने वाले हफ्तों में दोनों देशों का ईरान के खिलाफ फिर साथ आना संभव है।
- एक सूत्र ने स्थिति को “समझौता या हमला” बताया।
- अमेरिका का एक प्रमुख लक्ष्य ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े समझौते में अपनी शर्तें मानने के लिए दबाव में लाना बताया गया है।
- अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इज़राइल दौरे के दौरान नेतन्याहू समेत वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
- इस बैठक में संभावित लक्ष्यों की एक अपडेटेड सूची भी पेश की गई।
Netanyahu Threat: ईरान की सरकार गिराने की फिर दी धमकी
- बुधवार को नेतन्याहू ने एक चुनावी रैली में कहा कि ईरान से पैदा खतरे को खत्म करने का एकमात्र रास्ता उसके शासन को उखाड़ फेंकना है। उन्होंने दावा किया कि इज़राइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हमले की योजनाओं को रोका है, लेकिन खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है।
- नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत के दौरान भी कहा था कि दोनों देशों को मिलकर “एक काम पूरा करना” है। ऐसे में सवाल यही है कि अमेरिकी चुनाव के बाद इज़राइल और अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर कोई बड़ा सैन्य कदम उठाएंगे या नहीं।









