Giorgia Meloni Childhood Story: PM मोदी के साथ 'Melodi' मोमेंट के बाद फिर से चर्चा में आईं जॉर्जिया मेलोनी की लाइफ कभी बेहद मुश्किलों से भरी थी। मां उन्हें जन्म ही नहीं देना चाहती थीं और बचपन में ही पिता छोड़कर चले गए थे। घर चलाने के लिए उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर बार क्लब में काम करना पड़ा था। पढ़िए उनकी दर्दभरी कहानी...
Giorgia Meloni Life Story: जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को 'Melody' टॉफी गिफ्ट की, तो शायद किसी ने नहीं सोचा था कि ये छोटा सा पल सोशल मीडिया पर इतना वायरल हो जाएगा। मेलोनी ने खुद वीडियो शेयर करते हुए मुस्कुराकर कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी मेरे लिए बहुत अच्छी टॉफी लेकर आए… Melody!' बस फिर क्या था… इंटरनेट पर फिर #Melodi ट्रेंड शुरू हो गया। कैमरे पर हमेशा मुस्कुराने वाली जॉर्जिया मेलोनी की लाइफ उतनी आसान नहीं रही, जितनी दिखती है। एक समय ऐसा भी था जब उनकी मां उन्हें जन्म ही नहीं देना चाहती थीं। बचपन में पिता छोड़कर चले गए। घर में आग लगी। गरीबी में जिंदगी गुजरी और पैसों के लिए बार में काम करना पड़ा। आज वही लड़की इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री है। पढ़िए मेलोनी की कहानी...

जॉर्जिया मेलोनी को जन्म नहीं देना चाहती थी मां
रोम के एक साधारण परिवार में जन्मी जॉर्जिया मेलोनी की किस्मत में बचपन से ही संघर्ष लिखा था। मेलोनी ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'Io sono Giorgia' (इओ सोनो जॉर्जिया) में लिखा है कि जब वो अपनी मां के पेट में थीं, तब उनके माता-पिता के रिश्ते बेहद खराब दौर से गुजर रहे थे। तंग आकर उनकी मां अन्ना ने अबॉर्शन (गर्भपात) कराने का मन बना लिया था। वे क्लीनिक तक पहुंच भी गई थीं, लेकिन आखिरी पल में न जाने कहां से उनमें हिम्मत आई और वे वहां से लौट आईं। वह लिखती हैं कि अगर उस दिन उनकी मां ने वो साहस न दिखाया होता, तो आज वे इस दुनिया में न होतीं। इस तरह 15 जनवरी 1977 को रोम में जॉर्जिया मेलोनी का जन्म हुआ। उनके पिता टैक्स सलाहकार थे और मां कहानी लिखती थीं।
मोमबत्ती की आग से घर राख
जॉर्जिया जब सिर्फ एक साल की थीं, तब उनके पिता परिवार को अकेला छोड़कर स्पेन चले गए और दूसरी शादी कर ली। जब मेलोनी 3 साल की थीं, तो एक दिन खेलते समय घर में मोमबत्ती से भीषण आग लग गई। पूरा घर जलकर खाक हो गया। रहने की जगह नहीं बची, तो कई रातें उन्हें नाना-नानी के घर फर्श पर गद्दे बिछाकर गुजारनी पड़ीं।
कॉलेज की पढ़ाई छूटी, नाइट क्लब में काम
घर के हालात इतने खराब थे कि पैसों की तंगी के चलते जॉर्जिया कॉलेज की पढ़ाई तक पूरी नहीं कर सकीं। घर चलाने के लिए उन्होंने हर छोटा-बड़ा काम किया। वह बताती हैं कि, 'मैंने जिंदगी के सबक संसद की बेंचों पर बैठकर नहीं, बल्कि नाइट क्लब के बार काउंटर के पीछे खड़े होकर सीखे हैं।' उन्होंने गुजारे के लिए बाजार में गाने की सीडी बेचीं, बेबीसीटर यानी बच्चों की देखभाल की और रोम के एक मशहूर नाइट क्लब में बारटेंडर का काम भी किया। इसी बार काउंटर ने उन्हें आम लोगों के सुख-दुख को बहुत करीब से समझना सिखाया।
15 साल की उम्र में राजनीति में एंट्री
जब इटली में माफिया का खौफ चरम पर था और एक बम धमाके में वहां के मशहूर जज पाओलो बोर्सेलिनो की जान ले ली गई, तब 15 साल की जॉर्जिया का खून खौल उठा। उन्होंने तय किया कि अब चुप बैठने का समय नहीं है। वे एक धुर दक्षिणपंथी (राइट विंग) यूथ ग्रुप से जुड़ गईं। उनकी मेहनत और बेबाक अंदाज का असर ऐसा था कि वे सिर्फ 27 साल की उम्र में देश के सबसे बड़े युवा संगठन की पहली महिला अध्यक्ष बन गईं। इसके बाद वे इटली के इतिहास में सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनीं।
अपनी पार्टी बनाई और रच दिया इतिहास
साल 2012 में जब बड़े नेताओं से मतभेद हुए, तो जॉर्जिया ने हार मानने के बजाय अपने साथियों के साथ मिलकर एक नई पार्टी खड़ी कर दी, जिसका नाम 'फ्रेटेली डी'इटैलिया' यानी ब्रदर्स ऑफ इटली रखा। शुरुआती दौर में उनकी पार्टी को महज 4% वोट मिले थे, लेकिन जॉर्जिया ने हार नहीं मानी। वे इटली की गलियों में घूम-घूमकर आम लोगों की भाषा में भाषण देती रहीं। नतीजा यह हुआ कि 2022 के चुनावों में उनकी पार्टी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी और 22 अक्टूबर 2022 को वे इटली के 161 साल के इतिहास में पहली महिला प्रधानमंत्री बन गईं।
मेलानी की लव लाइफ भी चर्चा में रही
मेलोनी की पर्सनल लाइफ भी किसी रोलर-कोस्टर जैसी रही है। एक टीवी शो के दौरान उनकी मुलाकात जर्नलिस्ट एंड्रिया जियाम्ब्रूनो से हुई थी। दोनों करीब 8 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे और उनकी एक 10 साल की बेटी जिनेवरा भी है। लेकिन जब एंड्रिया से जुड़े कुछ विवाद सामने आए, तो जॉर्जिया ने बिना देर किए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर इस 10 साल पुराने रिश्ते को खत्म करने का ऐलान कर दिया।


