जबलपुर के बरगी डैम में खराब मौसम से टूरिस्ट बोट पलटने से 9 लोगों की मौत हो गई और 23 को बचाया गया। एक माँ अपने 4 साल के बेटे के साथ मृत मिली। सरकार ने जांच के आदेश और ₹4 लाख मुआवजे की घोषणा की है।
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर हुए टूरिस्ट बोट हादसे के बाद बचाव अभियान में एक ऐसा मंज़र दिखा, जिसने रेस्क्यू टीम के लोगों को भी अंदर तक हिला दिया। हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला का शव उसके 4 साल के बेटे के साथ मिला। मां ने अपने बेटे को एक ही लाइफ जैकेट के अंदर सीने से कसकर चिपका रखा था। यह दिल दहला देने वाली तस्वीर शुक्रवार सुबह सामने आई।
यह हादसा गुरुवार शाम करीब 6 बजे हुआ, जब 29 यात्रियों को ले जा रही एक क्रूज़ बोट अचानक बदले मौसम की चपेट में आ गई। तेज़ हवा और बारिश के कारण बरगी डैम के जलाशय में बड़ी-बड़ी लहरें उठने लगीं। इससे बोट का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई।
ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक, इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। लापता लोगों की तलाश के दौरान शुक्रवार सुबह राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को मां और बेटे के शव मिले। यह तस्वीर बताती है कि आखिरी सांस तक वो मां अपने बच्चे को बचाने की कोशिश करती रही।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। 23 लोगों को सुरक्षित किनारे पर पहुंचा दिया गया। हालांकि, बचकर आए कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया है कि बोट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम नहीं थे और लाइफ जैकेट भी देर से दी गईं। यात्रियों का यह भी कहना है कि जब हवा तेज़ हुई तो उन्होंने बोट को किनारे ले जाने के लिए कहा, लेकिन क्रू मेंबर्स ने उनकी बात नहीं सुनी।
घटना की जानकारी मिलते ही राज्य के कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह समेत कई बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है और मामले की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
बरगी डैम में बोटिंग पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। लेकिन, सुरक्षा सावधानियों के बिना सर्विस चलाए जाने को लेकर अब भारी गुस्सा है। लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
