JPSC JSSC controversy: JPSC और JSSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने स्थायी शिक्षा सुधार की मांग की है। झारखंड सरकार ने छात्र नेताओं को सोमवार को बातचीत के लिए बुलाया है।

Devendra Nath Mahto Hunger Strike: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल 15वें दिन भी जारी रही। रविवार को महतो ने शिक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में ऐसा बदलाव होना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियों के छात्रों को अपने अधिकारों के लिए वैसा संघर्ष न करना पड़े, जैसा मौजूदा समय में युवा कर रहे हैं।

'भूख हड़ताल के 15वें दिन हालात नाजुक'

देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अपनी स्थिति और सरकार के साथ होने वाली बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल के 15वें दिन हालात बेहद नाजुक और अंतिम दौर में हैं। सरकार ने उन्हें सोमवार को बातचीत के लिए बुलाया है और उन्हें उम्मीद है कि इस बैठक से कोई सकारात्मक समाधान निकल सकता है।

महतो ने कहा कि उनकी मांग सिर्फ मौजूदा विवाद के समाधान तक सीमित नहीं है। वह शिक्षा व्यवस्था में ऐसा स्थायी सुधार चाहते हैं, जिसका फायदा आने वाली पीढ़ियों को भी मिले। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें छात्रों को अपने हक के लिए लंबे संघर्ष और आंदोलन का सहारा न लेना पड़े।

20 अगस्त को CM आवास घेराव का था ऐलान

JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन में पहुंच गया। छात्र नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने का ऐलान किया था। इसी बीच राज्य सरकार की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों को बातचीत के लिए बुलाया गया है।

छात्र नेताओं के मुताबिक, उनका प्रतिनिधिमंडल सोमवार दोपहर 2 बजे रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा। इस बैठक में छात्रों की मांगों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

प्रशासन ने छात्रों से बैठक में शामिल होने की अपील की

प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करने पहुंचे ADM (लॉ एंड ऑर्डर) धनंजय कुमार ने बताया कि छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल और उनके कानूनी सलाहकार को सरकार के साथ बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन छात्रों की स्थिति पर नजर रख रहा है और अधिकारियों की टीम नियमित रूप से उनसे मिलने पहुंचती है।

धनंजय कुमार के अनुसार, सोमवार दोपहर 2 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ छात्रों की बातचीत होगी। प्रशासन ने छात्रों से इस बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया है, ताकि उनकी मांगों पर सरकार के स्तर पर चर्चा की जा सके।

'सरकार कितनी गंभीर, कल साफ होगा'

वहीं, छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्र सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए बैठक में शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बातचीत का प्रस्ताव देना अलग बात है और मांगों पर ठोस कार्रवाई करना अलग।

पासवान ने उम्मीद जताई कि सोमवार की बैठक में सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी। अब सभी की नजर इस बातचीत पर है कि क्या सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच कोई सहमति बनती है या आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।