Irfan Ansari Statement: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 'दिमागी नक्सल' कहने पर सियासी बवाल मच गया है। मंत्री इरफान अंसारी ने BJP पर हमला बोलते हुए कहा है कि इस बयान के लिए उन्हें माफी मांगनी होगी। ये पूरा विवाद JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली के आरोपों के बीच शुरू हुआ है।

JPSC JSSC controversy: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 'दिमागी नक्सल' कहे जाने पर राज्य के मंत्री इरफान अंसारी भड़क गए हैं। उन्होंने बीजेपी से इस बयान पर माफी मांगने को कहा है। यह पूरा विवाद JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहा है।

मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए अंसारी ने साफ कहा कि सीएम सोरेन ने कभी अन्याय का साथ नहीं दिया है और ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा, “मुझे उनकी मानसिकता पर तरस आता है। क्या 'दिमागी नक्सल' का मतलब 'दिमागी आतंकवादी' होता है? ...अगर बीजेपी ने ऐसा कहा है, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। मैं बीजेपी को कड़ी चुनौती देता हूं... हेमंत सोरेन ने कभी अन्याय बर्दाश्त नहीं किया है; वह महागठबंधन का हिस्सा हैं और उन्हें राहुल गांधी का आशीर्वाद प्राप्त है। ऐसी बातें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। अगर ऐसी टिप्पणी की गई है, तो उन्हें माफी मांगनी ही होगी।”

इरफान अंसारी का यह बयान झारखंड बीजेपी के एक एक्स (पहले ट्विटर) पोस्ट के बाद आया है। इस पोस्ट में बीजेपी ने सीएम सोरेन पर युवाओं को धोखा देने और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर 'हिटलर जैसी तानाशाही' का आरोप लगाया था।

पोस्ट में क्या लिखा बीजेपी ने

बीजेपी ने अपने पोस्ट में लिखा था, "युवाओं के भविष्य की बलि चढ़ाकर कब तक चलेगी आपकी हिटलरशाही, @HemantSorenJMM जी? 'दिमागी नक्सल' ही युवाओं से छल करने का सोच सकता है। एक तरफ JPSC-JSSC घोटाला और पेपर लीक की लंबी कतार है, तो दूसरी तरफ जब हक मांगने युवा सड़क पर उतरते हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं, आंदोलन दबाया जाता है और फर्जी FIR कर दी जाती है! युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली यह व्यवस्था अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। झारखंड का युवा सवाल पूछ रहा है--जवाब दो!"

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 <br>यह पोस्ट उस घटना के बाद आया था, जब मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने के मार्च के दौरान हिंसक झड़पें और हंगामा हुआ था। इसके बाद रांची पुलिस ने तीन अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।</p><p>पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन शिकायतों में कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 200 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। तीनों FIR कोतवाली थाने में दर्ज की गई हैं।</p><div type="dfp" position=4>Ad4</div><p>यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को झारखंड लोक सेवा आयोग-झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JPSC-JSSC) रिफॉर्म फोरम के बुलावे पर किया गया था। फोरम ने हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में छात्रों से झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला जलाने की अपील की थी।</p><p>बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं और 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। इससे उन नवनियुक्त अधिकारियों को राहत मिली है, जिन्होंने सरकार के फैसले को चुनौती दी थी।</p><p>यह आदेश जस्टिस दीपक रोशन की बेंच ने नवनियुक्त अधिकारियों की ओर से दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील इंद्रजीत सिन्हा और अमृतांश वत्स ने अदालत में पक्ष रखा।</p>