JPSC JSSC Candidates Protest: रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की मौजूदगी को लेकर विवाद हो गया है। रांची के एसपी पारस राणा ने कहा कि पुलिस सिर्फ पहचान की पुष्टि करने गई थी, किसी को हिरासत में लेने नहीं। वहीं, छात्र नेता पीयूष कुमार ने आरोप लगाया है कि सीनियर अधिकारियों ने भूख हड़ताल खत्म करने के लिए कहा।

anchi Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को लेकर माहौल गरमा गया है। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की टीम पहुंचने के बाद अफवाहों और दावों का दौर शुरू हो गया। रांची के एसपी पारस राणा ने साफ किया है कि पुलिस वहां किसी भी छात्र को हिरासत में लेने के इरादे से नहीं गई थी।

पुलिस के मुताबिक, यह सिर्फ प्रदर्शनकारियों की पहचान की पुष्टि करने की एक प्रक्रिया थी। लेकिन, छात्रों का पक्ष इससे बिल्कुल अलग है। छात्र नेता पीयूष कुमार ने आरोप लगाया है कि सीनियर अधिकारी उनसे मिले और भूख हड़ताल खत्म करने को कहा।

पुलिस की सफाई और छात्रों का आरोप

इस पूरे मामले पर रांची के एसपी पारस राणा ने उन अफवाहों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि पुलिस प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लेने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की टीम का मकसद सिर्फ वहां मौजूद लोगों की पहचान सत्यापित करना था। यह बयान छात्रों के बीच फैल रही बेचैनी को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

दूसरी तरफ, छात्र नेता पीयूष कुमार ने प्रशासन की मंशा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका दावा है कि सीनियर अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर आकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से अपना अनशन तोड़ने के लिए कहा। इस दावे ने पुलिस के 'पहचान सत्यापन' वाले तर्क को सीधी चुनौती दी है।

अब सच क्या है, यह तो दोनों पक्ष ही बेहतर जानते हैं, लेकिन इस घटना ने प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच अविश्वास को और बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां प्रशासन स्थिति को सामान्य बताने की कोशिश कर रहा है, वहीं छात्र इसे आंदोलन को कमजोर करने की साजिश बता रहे हैं। फिलहाल, दोनों पक्षों के अपने-अपने दावों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।