JPSC Recruitment Case: झारखंड हाईकोर्ट में JPSC-JSSC भर्ती रद्द करने के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई 18 सितंबर तक टल गई है। राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा, जिसके बाद कोर्ट ने अगली तारीख दी।
JPSC recruitment case Jharkhand: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। राज्य सरकार ने हलफनामा दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को तय की है।
सरकार को पहले 7 सितंबर तक दाखिल करना था हलफनामा
इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 7 सितंबर तक अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। हालांकि, तय समयसीमा तक सरकार हलफनामा दाखिल नहीं कर सकी। इसके बाद सरकार की ओर से अदालत से अतिरिक्त समय मांगा गया, जिसे देखते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी गई।
JPSC परीक्षा धांधली मामले में CID की कार्रवाई
इसी बीच झारखंड CID ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में संजीत कुमार को रांची के रातू रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया। संजीत कुमार पर शिवांगन कोचिंग सेंटर चलाने और एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप है। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह उम्मीदवारों को परीक्षा पास कराने का भरोसा देकर उनसे पैसे लेता था।
JPSC धांधली पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई
JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 में कथित धांधली की जांच CBI या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र, झारखंड सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया था मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की याचिका पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील मनन कुमार मिश्रा ने अदालत को बताया कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दोबारा परीक्षा कराने की मांग
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ प्रारंभिक परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाए। इसके लिए कोर्ट की निगरानी में प्रक्रिया अपनाने की मांग भी की गई है।
11वीं से 13वीं JPSC नियुक्तियों पर भी रोक
इससे पहले 20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं के जरिए नियुक्त सरकारी कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी। वहीं, 18 अगस्त को लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच झारखंड सरकार ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं समेत 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की अधिसूचना जारी की थी। अब हाईकोर्ट में 18 सितंबर की सुनवाई पर सरकार के हलफनामे और पूरे मामले की दिशा पर नजर रहेगी।
