कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने वकालत से लेकर न्यायाधीश बनने तक लंबा सफर तय किया है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु सरकार के वकील के रूप में भी काम किया। जून 2018 में उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में काम शुरू किया। मार्च 2020 में उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट में हुआ
दिल्ली हाईकोर्ट के जज की एजुकेशन?
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम ऑनर्स की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। साल 1990 में कानून की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने वकालत के क्षेत्र में अपना करियर आगे बढ़ाया।
1996 में पास की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड परीक्षा
न्यायमूर्ति प्रसाद ने साल 1996 में सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र रूप से वकालत शुरू की। इस परीक्षा को पास करने के बाद वकील सुप्रीम कोर्ट में अपने नाम से मामले दाखिल करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने के योग्य होते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु सरकार के वकील रहे
- न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने साल 2003 से 2006 तक सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु सरकार के स्थायी वकील के रूप में काम किया। इसके अलावा, उन्होंने 1992 के शेयर बाजार घोटाले से जुड़े मामलों में विशेष अदालत के तहत नियुक्त कस्टोडियन के स्थायी वकील की जिम्मेदारी भी निभाई।
- अक्टूबर 2012 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु सरकार का अतिरिक्त महाधिवक्ता (Additional Advocate General) नियुक्त किया गया। अप्रैल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) का दर्जा दिया।
जून 2018 में बने मद्रास हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश
लंबे समय तक वकालत करने के बाद न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद को 4 जून 2018 को मद्रास हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 13 मार्च 2020 को उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में हुआ।
दिल्ली हाईकोर्ट में निभा रहे हैं जिम्मेदारी
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीशों में शामिल हैं। उनका सफर कानून की पढ़ाई से शुरू होकर स्वतंत्र वकालत, सरकारी वकील की जिम्मेदारी और फिर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश तक पहुंचा है। उनका करियर न्यायिक क्षेत्र में अलग-अलग कानूनी विषयों पर काम करने के अनुभव को दर्शाता है।









