Kanpur Gangrape: 2 घंटे तक 14 वर्षीय छात्रा से स्कॉर्पियो में गैंगरेप, घर के बाहर फेंका
कानपुर के सचेंडी इलाके में 14 वर्षीय छात्रा के अपहरण और गैंगरेप का मामला सामने आया है। परिवार ने पुलिसकर्मी की संलिप्तता और एफआईआर दर्ज करने में देरी का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

नाबालिग छात्रा का अपहरण और गैंगरेप, आरोपियों में पुलिसकर्मी का नाम
कानपुर की सड़कों पर सोमवार की रात सामान्य दिख रही थी। लेकिन सचेंडी थाना क्षेत्र में उस रात एक ऐसी घटना घट रही थी, जिसने पूरे शहर को शर्मसार कर दिया। एक 14 वर्षीय छात्रा अपहरण, बंधन और दरिंदगी की शिकार बन रही थी, जबकि चारों ओर शांत अंधेरा था। किसी ने कुछ नहीं देखा, किसी ने कुछ नहीं सुना, और वही खामोशी अगले दिन सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरी।
स्कॉर्पियो में जबरन उठाकर ले गए आरोपी
मामला सोमवार, 5 जनवरी रात करीब 10 बजे का बताया जा रहा है। छात्रा ने शिकायत में कहा कि जैसे ही वह घर से बाहर निकली, स्कॉर्पियो कार में सवार दो युवकों ने उसे जबरन गाड़ी में खींच लिया। पीड़िता का दावा है कि उनमें से एक पुलिसकर्मी था।
आरोपियों ने उसे रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान जगह पर ले जाकर कार के भीतर ही उसके साथ गैंगरेप किया। छात्रा के मुताबिक यह अत्याचार करीब दो घंटे तक चला। जब वह बेहोश हो गई, तो आरोपी उसे उसके घर के बाहर फेंककर फरार हो गए।
घर के बाहर बदहवास मिली बच्ची, डायल-112 भी बेअसर
रात करीब 12 बजे छात्रा का भाई घर लौट रहा था, तभी उसने अपनी बहन को बाहर अचेतावस्था में पड़ा देखा। होश में आने पर छात्रा ने पूरी घटना बताई और परिवार ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी।
पुलिस आई और परिवार को भीमसेन चौकी ले गई। लेकिन परिवार का आरोप है कि जैसे ही उन्होंने बताया कि एक आरोपी पुलिसकर्मी है, पुलिस ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया और उन्हें चौकी से बाहर कर दिया गया।
पुलिस की चुप्पी से टूट गया भरोसा
परिवार के अनुसार पुलिस ने न तो तुरंत एफआईआर की, न मेडिकल कराया और न ही मौके पर कार्रवाई की। अगले दिन यानी 6 जनवरी को परिवार अधिकारियों के पास पहुंचा, तभी जाकर एफ़आईआर दर्ज हुई, लेकिन अज्ञात आरोपियों के नाम पर। परिवार का कहना है कि जिन आरोपियों के नाम उन्होंने दिए, उन्हें एफआईआर से हटाया गया, जिससे उनका गुस्सा और अविश्वास बढ़ गया है।
पीड़िता का मेडिकल करा लिया गया, रिपोर्ट का इंतजार
मेडिकल परीक्षण हो चुका है। रिपोर्ट आने के बाद मामले को आगे बढ़ाया जाएगा। कानपुर पुलिस का कहना है कि
- दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज है
- आरोपियों की पहचान जल्द कर गिरफ्तारी की जाएगी
- यदि पुलिसकर्मी की संलिप्तता साबित हुई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
- जांच पूरी पारदर्शिता से होगी
सवालों के घेरे में पुलिस, न्याय की उम्मीद में परिवार
परिवार अब पुलिस की कार्रवाई नहीं, बल्कि न्याय की मांग कर रहा है। पीड़िता की आयु, आरोपियों की कथित पहचान और पुलिस की शुरुआती उदासीनता, इन सभी पहलुओं ने कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
कानपुर एक बार फिर ऐसी घटना का साक्षी बना है, जहां अपराध से ज्यादा चिंता उन संस्थाओं की जिम्मेदारी पर है जिनका काम सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

