Paul Mackenzie 191 Murders: केन्या में स्वयंभू धर्मगुरु पॉल मैकेंजी को 191 हत्याओं के मामले में दोषी ठहराया गया है। आरोप है कि उसने यीशु से मिलाने के नाम पर अनुयायियों को भूखा रहने और बच्चों को भोजन से वंचित रखने के निर्देश दिए थे। साल 2023 में शाकाहोला के जंगल से 400 से अधिक शव मिलने के बाद यह भयावह मामला सामने आया था।
Kenya Mass Graves Case: जिस धर्मगुरु पर लोगों ने भरोसा करके उसे अपनी आस्था का केंद्र बनाया, उसी पर सैकड़ों लोगों की जान लेने वाली भयावह साजिश चलाने का आरोप साबित हुआ है। केन्या में स्वयंभू धर्मगुरु पॉल मैकेंजी को 191 हत्याओं के मामले में दोषी ठहराया गया है। इस मामले का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतकों में लगभग सभी बच्चे थे। मैकेंजी अपने अनुयायियों को कथित तौर पर भूखे रहने और बच्चों को भोजन से वंचित रखने के लिए कहता था, ताकि वे यीशु से मिल सकें।
साल 2023 में केन्या के तटीय इलाके शाकाहोला के जंगल में सामूहिक कब्रों से 400 से अधिक शव मिलने के बाद यह मामला दुनिया के सामने आया था। अब अदालत के फैसले ने इस भयावह घटना को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
1. शिक्षा और आधुनिक इलाज के खिलाफ था पॉल मैकेंजी
पॉल मैकेंजी ने अपने अनुयायियों के बीच ऐसी मान्यताएं फैलाई थीं, जिनमें शिक्षा हासिल करने और आधुनिक चिकित्सा का सहारा लेने को गलत बताया जाता था। उसके पंथ में शामिल लोगों को कथित तौर पर भूखे रहने के लिए कहा जाता था। आरोपों के मुताबिक, बच्चों को भी भोजन नहीं दिया जाता था और जो लोग इन निर्देशों का विरोध करते थे, उनके साथ हिंसा की जाती थी।
केन्या के मोम्बासा में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश डायना मोचाचे ने कहा कि मैकेंजी के अनुयायी उसकी बातों को ईसा मसीह का संदेश मानते थे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इसी अंधविश्वास और प्रभाव का इस्तेमाल लोगों को मौत की ओर धकेलने के लिए किया गया।
2. बच्चों को भूखा रखकर मरने के लिए किया गया मजबूर
इस मामले में सामने आई गवाहियों ने लोगों को झकझोर दिया। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, एक गवाह ने बताया कि एक गर्भवती महिला को अपने नवजात बच्चे को दूध पिलाने से रोक दिया गया था। करीब 12 दिन बाद उस बच्चे की मौत हो गई।
गवाही के मुताबिक, महिला को भी भूखे रहकर जान देने और अपने बच्चों के पीछे जाने के लिए कहा गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जंगल में बड़ी संख्या में शवों को दफनाया गया था। कब्रें खोदने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि कुछ लोग इतने कमजोर हो चुके थे कि उन्हें बाहर निकालते समय ही उनकी मौत हो जाती थी।
3. कैसे बनाया अपना धार्मिक पंथ?
पॉल मैकेंजी ने साल 2003 में 'गुड न्यूज इंटरनेशनल मिनिस्ट्रीज' की स्थापना की थी। अगले कई वर्षों में उसका प्रभाव बढ़ता गया और केन्या के अलग-अलग इलाकों से हजारों लोग उसके चर्च से जुड़ गए। उसके उपदेशों का प्रसारण 'टाइम्स टीवी' नाम के चैनल के माध्यम से भी किया जाता था।
मैकेंजी अपने उपदेशों में धार्मिक मान्यताओं और चमत्कारों से जुड़ी बातें करता था। धीरे-धीरे उसके अनुयायियों के बीच उसका प्रभाव बढ़ता गया। बाद में उसका मुख्य चर्च 2019 में बंद हो गया और वह शाकाहोला के जंगल में चला गया। आरोप है कि उसने अपने अनुयायियों को भी वहां आने के लिए कहा।
4. शाकाहोला के जंगल में कैसे सामने आया सामूहिक मौत का मामला?
मार्च 2023 में स्थानीय लोगों को शाकाहोला के जंगल में पहली बार शव मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद जांच और तलाशी अभियान के दौरान कई सामूहिक कब्रों का पता चला। वहां से 400 से अधिक शव बरामद किए गए, जिससे पूरे देश में सनसनी फैल गई।
जांच में पंथ के अनुयायियों को भूखा रखने और कथित तौर पर उन्हें मौत की ओर धकेलने के आरोप सामने आए। इसी मामले में पॉल मैकेंजी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
5. धर्मगुरु समेत 29 लोग हत्या के दोषी
अदालत ने पॉल मैकेंजी के साथ पंथ के 28 अन्य नेताओं को भी हत्या के मामले में दोषी ठहराया। आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया था और दावा किया था कि किसी को मरने के लिए मजबूर नहीं किया गया। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर उन्हें दोषी पाया।
यह मामला दिखाता है कि जब किसी व्यक्ति के प्रभाव में आकर लोग सवाल पूछना छोड़ देते हैं, तो आस्था का दुरुपयोग किस हद तक खतरनाक हो सकता है। खासकर बच्चों और कमजोर लोगों की सुरक्षा के लिए ऐसे मामलों में समय रहते शिकायत करना और अधिकारियों को जानकारी देना बेहद जरूरी है।






