केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया गोयल के फोन से डिलीट चैट रिकवर होने के बाद जांच ने नया मोड़ लिया। 'शादी के टिकट' वाला रहस्यमयी मैसेज, कोड वर्ड और तीसरे शख्स की भूमिका पर पुलिस की जांच तेज।

Ketan Agarwal Murder Case: रियल एस्टेट एजेंट केतन अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या की जांच कर रही पुणे पुलिस के हाथ एक ऐसा सुराग लगा है, जिसने इस पूरे मामले को एक बेहद उलझी हुई और खौफनाक मर्डर मिस्ट्री में तब्दील कर दिया है। पुलिस ने आरोपी सिया गोयल के मोबाइल फोन से डिलीट किया जा चुका भारी-भरकम डेटा और चैट बैकअप रिकवर कर लिया है। इस डिलीटेड डेटा में एक ऐसी रहस्यमयी चैट सामने आई है, जिसने जांचकर्ताओं के भी कान खड़े कर दिए हैं। इस चैट में एक "ऐसी शादी" का जिक्र है जो कभी होने ही नहीं वाली थी, लेकिन फिर भी उसके नाम पर टिकट्स बुक किए जा रहे थे।

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'शादी के टिकट' और 'दस्तावेजों' का वो रहस्यमयी खेल

जांचकर्ताओं के मुताबिक, रिकवर की गई चैट्स में से एक बेहद चौंकाने वाली बातचीत सिया गोयल और उसके एक करीबी दोस्त के बीच की है। इस बातचीत में सिया अपने दोस्त से टिकट्स बुक करने के बहाने उसके पहचान पत्र (आधार कार्ड) के आगे और पीछे दोनों तरफ की तस्वीरें मांग रही है। इस बातचीत का जो हिस्सा पुलिस के हाथ लगा है, वह किसी गहरी साजिश की तरफ इशारा करता है। चैट में कथित तौर पर लिखा है: “आधार कार्ड आगे पीछे भेज दें। शादी के टिकट के लिए जो होने वाली नई वाली पर फिर भी भेज दे।" यानी सिया खुद मान रही थी कि वह एक ऐसी शादी के लिए टिकट बुक करने का नाटक कर रही है जो असल में कभी वजूद में आने ही नहीं वाली थी। दोस्त ने भी इसके जवाब में कहा कि वह दस्तावेज पहले ही व्हाट्सएप (WhatsApp) पर शेयर कर चुका है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि क्या 'शादी के टिकट' की आड़ में मर्डर के बाद भागने का या किसी को फंसाने का प्लान तैयार किया जा रहा था?

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कोडेड भाषा, निकनेम और इमोजी: डिजिटल सबूतों ने खोला राज

पुणे पुलिस ने अदालत को सूचित किया है कि सिया गोयल के फोन से जो डेटा डिलीट किया गया था, वह केवल सामान्य बातचीत नहीं थी। आरोपियों ने आपस में बातचीत करने के लिए एक बेहद शातिराना 'कोडेड भाषा' का इस्तेमाल किया था। चैट्स में अजीबोगरीब निकनेम (उपनाम) और कूटशब्दों के साथ-साथ केवल इमोजी (Emojis) के जरिए बड़ी जानकारियां शेयर की गई थीं। इस मामले में पुलिस को तब एक और बड़ी कामयाबी मिली जब उन्होंने सिया गोयल द्वारा छिपाकर रखा गया उसका दूसरा मोबाइल फोन भी ढूंढ निकाला। इस दूसरे डिवाइस को तुरंत फॉरेंसिक एनालिसिस के लिए लैब भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि इस फोन के अनलॉक होते ही केतन अग्रवाल की हत्या से जुड़े कई और घिनौने राज बेपर्दा हो जाएंगे।

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बीड के रहस्यमयी युवक की एंट्री: "मैंने उन्हें रोका था..."

इस खूनी साजिश की आंच अब पुणे से निकलकर बीड जिले तक पहुंच चुकी है। पुलिस ने बीड से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है और उससे बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है। तकनीकी जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी मर्डर के इस पूरे मास्टरप्लान को अंजाम देने से पहले बीड के इस युवक के लगातार संपर्क में थे और उन्होंने हत्या की योजना के बारीक विवरण (Details) उसके साथ साझा किए थे। हालांकि, पूछताछ के दौरान इस युवक ने खुद को बेकसूर बताते हुए एक बड़ा दावा किया है। उसने पुलिस को बताया कि जब सिया और चेतन ने उसे केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने के इस खौफनाक इरादे के बारे में बताया था, तो उसने इस मर्डर प्लान में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया था और उन दोनों को भी इस खूनी रास्ते पर न बढ़ने की सख्त सलाह दी थी। पुलिस अब इस युवक के बयानों का क्रॉस-वेरिफिकेशन कर रही है।

पॉलीग्राफ टेस्ट से इंकार और 14 दिनों की ज्यूडीशियल कस्टडी

केतन अग्रवाल की बेरहमी से की गई हत्या के इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस जब इस मर्डर मिस्ट्री की आखिरी कड़ियों को जोड़ने के लिए दोनों का साइंटिफिक टेस्ट यानी पॉलीग्राफ टेस्ट (Lie Detector Test) करवाना चाहती थी, तो दोनों आरोपियों ने कोर्ट के सामने साफ तौर पर इस टेस्ट से इंकार कर दिया। आरोपियों के इस असहयोग और सच छिपाने की जिद के बाद, अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया है। पुलिस अब सलाखों के पीछे बंद इन दोनों शातिर दिमाग आरोपियों के खिलाफ डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की एक ऐसी मजबूत कंक्रीट दीवार तैयार कर रही है, जिससे इनका कानून से बच निकलना नामुमकिन हो जाए। जांच जारी है और जल्द ही इस केस में किसी तीसरे बड़े चेहरे की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।