Ketan Agrawal Case Update: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में मोबाइल डेटा से कई बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस को व्हाट्सऐप चैट, कथित गुप्त शादी, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी मिली है।
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब पुलिस की डिजिटल और फॉरेंसिक जांच में ऐसे कई अहम इनपुट सामने आए हैं, जिन्होंने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डेटा से संकेत मिले हैं कि दोनों के बीच संबंध पहले से कहीं अधिक गहरे थे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक और कानूनी सत्यापन अभी जारी है।

मोबाइल डेटा में गुप्त शादी के संकेत, व्हाट्सऐप चैट बने अहम सबूत
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी चेतन और सिया के मोबाइल फोन से रिकवर किए गए व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में ऐसे संकेत मिले हैं कि दोनों ने करीब चार महीने पहले कथित तौर पर गुप्त रूप से शादी की थी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस कथित विवाह की जानकारी दोनों ने अपने परिवारों से भी छिपाकर रखी थी।
जांच एजेंसियां अब इन चैट, फोटो, दस्तावेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दोनों के रिश्ते की वास्तविक स्थिति क्या थी। पुलिस का मानना है कि इन साक्ष्यों से वारदात से पहले की घटनाओं की कड़ी जोड़ने में मदद मिल सकती है।
हत्या से पहले क्राइम वेब सीरीज़ और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी जुटाने के दावे
जांच में सामने आए मोबाइल डेटा के आधार पर पुलिस ने दावा किया है कि वारदात से पहले दोनों आरोपियों ने अपराध पर आधारित कई वेब सीरीज़ और फिल्में देखी थीं। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि इन ऑनलाइन गतिविधियों का कथित हत्या की योजना से कोई संबंध था या नहीं।
इसके अलावा पुलिस का कहना है कि सिया गोयल ने कथित तौर पर इंटरनेट पर पुलिस जांच, महिला आरोपियों से पूछताछ की प्रक्रिया, हिरासत के नियम और गंभीर आपराधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई से जुड़ी जानकारियां भी खोजी थीं। अधिकारियों के मुताबिक, इन डिजिटल गतिविधियों का उद्देश्य और समय-सीमा फॉरेंसिक जांच का हिस्सा है।
सोनम रघुवंशी केस से जुड़ी जानकारी भी खंगालने का दावा
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि सिया ने चर्चित सोनम रघुवंशी हत्याकांड में जमानत से जुड़ी कानूनी जानकारी भी तलाशने का प्रयास किया था। पुलिस यह भी जांच रही है कि महिला आरोपियों को किन परिस्थितियों में कानूनी राहत मिल सकती है और अदालत में बचाव की प्रक्रिया क्या होती है।
फिलहाल पुलिस मोबाइल डेटा, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री, व्हाट्सऐप चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत फॉरेंसिक जांच कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सभी डिजिटल एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के सत्यापन के बाद ही सामने आएंगे।


