Gujarat Lion Attack: गुजरात के भावनगर में गायों को चारा डालने गए एक पशुपालक पर शेर ने हमला कर दिया। करीब 30 मिनट तक शेर ने युवक को जकड़े रखा। घटना का वीडियो वायरल हो गया है।
Lion Attack Video: गुजरात के भावनगर जिले से इंसान और वन्यजीव संघर्ष की एक चिंताजनक घटना सामने आई है। यहां एक शेर ने सुबह के समय मवेशियों को चारा डालने गए एक पशुपालक पर अचानक हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें घायल युवक अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करता दिखाई देता है, जबकि ग्रामीण शेर को भगाने की कोशिश करते नजर आते हैं। घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

घर के पास गायों को चारा डालते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार सुबह करीब 8:30 बजे गुजरात के भावनगर जिले की पलिताणा तहसील के गराजिया गांव में हुई। घायल की पहचान कालूभाई बोगाभाई परमार के रूप में हुई है। बताया गया कि कालूभाई अपने घर के पास बंधी गायों को चारा डालने पहुंचे थे। इसी दौरान झाड़ियों की ओर से आए एक शेर ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले के बाद शेर ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया और उनके एक पैर को पंजों से दबोच लिया, जबकि हाथ को अपने जबड़ों में जकड़े रखा।
वायरल वीडियो में दिखा रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल युवक खुद को छुड़ाने की लगातार कोशिश कर रहा है। आसपास मौजूद ग्रामीण जोर-जोर से चिल्लाकर और शोर मचाकर शेर को भगाने का प्रयास करते हैं, लेकिन काफी देर तक शेर अपनी पकड़ नहीं छोड़ता।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, शेर करीब 30 मिनट तक युवक के पास बना रहा। इसके बाद उसने युवक को छोड़ा और पास में बंधी एक गाय की ओर बढ़ गया। ग्रामीणों ने मौके का फायदा उठाकर घायल को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल पलिताणा सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप, जांच शुरू
घटना के बाद घायल के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हमले की सूचना वन विभाग को तुरंत दे दी गई थी, लेकिन टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंची। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में शेरों की आवाजाही बढ़ने से लगातार खतरा बना हुआ है और सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है और इलाके में शेर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वन क्षेत्रों से सटे गांवों में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ता संपर्क ऐसी घटनाओं का बड़ा कारण बन रहा है। ऐसे इलाकों में समय पर निगरानी, त्वरित वन विभागीय प्रतिक्रिया और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं।


