किम जोंग उन ने अपनी बेटी को उत्तराधिकारी के तौर पर पेश किया है। उन्होंने दक्षिण कोरिया से बातचीत खारिज कर परमाणु हथियार बढ़ाने का ऐलान किया और मध्य पूर्व में अमेरिकी-इजरायली हमलों की निंदा करते हुए ईरान का समर्थन किया।

प्योंगयांग: उत्तर कोरिया में एक हफ़्ते तक चली रूलिंग पार्टी की कांग्रेस के बाद, किम जोंग उन ने मिलिट्री के बड़े अधिकारियों को नई स्नाइपर राइफलें तोहफ़े में दीं। उन्होंने कहा कि ये हथियार उनके 'अटूट भरोसे' का प्रतीक हैं। लेकिन दुनिया की नज़रें किम की बेटी पर टिक गईं, जिनकी शूटिंग रेंज में बंदूक से निशाना साधते हुए तस्वीरें सामने आई हैं। राजनीतिक जानकार इसे किम की बेटी किम जू ए को उनके उत्तराधिकारी के तौर पर तैयार करने का साफ़ संकेत मान रहे हैं।

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किम ने अपनी सरकार में कई बड़े फेरबदल भी किए हैं। उन्होंने अपनी बहन किम यो जोंग को पार्टी की सेंट्रल कमेटी में जनरल अफेयर्स डिपार्टमेंट का डायरेक्टर बना दिया है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया के ख़िलाफ़ अक्सर कड़े बयान देने वाली किम यो जोंग का अब पार्टी के अंदरूनी मामलों और प्रशासनिक फ़ैसलों में काफ़ी दखल रहेगा। वहीं, लेदर कोट पहनकर अपने पिता के साथ मिलिट्री कार्यक्रमों में दिखने वाली बेटी जू ए को भविष्य की शासक के तौर पर स्थापित करने की कोशिशें उत्तर कोरिया की मीडिया में साफ़ दिख रही हैं।

हर पांच साल में होने वाली इस अहम पार्टी कांग्रेस में किम ने दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत की किसी भी संभावना को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने ऐलान किया कि उनकी सेना पड़ोसी देश को पूरी तरह तबाह करने की क्षमता रखती है और वो अपने परमाणु हथियारों का ज़खीरा बढ़ाना जारी रखेंगे। अमेरिका से बातचीत पर उन्होंने कड़ी शर्त रखी। किम ने कहा कि अगर वॉशिंगटन अपनी 'दुश्मनी वाली नीतियां' छोड़ दे और उत्तर कोरिया के परमाणु दर्जे को मान्यता दे, तभी बातचीत दोबारा शुरू हो सकती है। किम का ये ऐलान आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी हलचल पैदा कर सकता है।

ईरान को समर्थन

उत्तर कोरिया ने मिडिल ईस्ट में इज़रायल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। उसने इसे 'अस्वीकार्य कब्ज़ा' करार दिया है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि यह ईरान की संप्रभुता पर सीधा हमला है। देश की सरकारी न्यूज़ एजेंसी KCNA ने रिपोर्ट किया कि अमेरिका के 'दादागिरी वाले रवैये और गुंडागर्दी वाले स्वभाव' को देखते हुए ऐसे हमलों की उम्मीद पहले से ही थी।

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद तेहरान में इज़रायली वायु सेना के बड़े हवाई हमलों ने पश्चिम एशिया को गंभीर अस्थिरता में धकेल दिया है। उत्तर कोरिया ने साफ़ किया है कि अमेरिका और इज़रायल के ये 'आक्रामक युद्ध' किसी भी तरह से जायज़ नहीं ठहराए जा सकते। बयान में यह भी मांग की गई है कि इलाके में शांति और स्थिरता चाहने वाले पड़ोसी देश इस मामले में अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं।