Datia Bypoll 2026 : मध्य प्रदेश का दतिया उपुचाव की चर्चा पूरे देशभर में है। जब नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा तो इसकी चर्चा दिल्ली तक हुई। अब किन्नर संजना नंद गिरी के विधायक का चुनाव लड़ने से बीजेपी कांग्रेस की टेंशन बढ़ गई हैं। क्योंकि उनके आने से यह मुकाबला त्रिकोणी हो गया है।
दतिया (मध्य प्रदेश). दतिया विधानसभा उपचुनाव अब काफी दिलचस्प हो गया है। क्योंकि अब यहां से बीजेपी-कांग्रेस के अलावा किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना नंद गिरि ने ताल ठोक दी है। उनके आने से यह इलेक्शन त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ता दिख रहा है। नामांकन भरते वक्त उन्होंने दतिया के मतदाताओं ले अपील करते हुए कहा-मेरा कोई परिवार है और न कोई उत्तराधिकारी, इसलिए वह बिना किसी निजी स्वार्थ या भ्रष्टाचार के सिर्फ जनता के लिए दिन रात काम करेंगी। उन्होंने कहा कि जनता उनको एक बार जरूर मौका दे।
संजना नंद गिरी ने बताया क्यों उन्होंने राजनीति में की एंट्री
उपचुनाव लड़ने के अपने फैसले पर बात करते हुए गिरि ने कहा कि उनके समुदाय ने आध्यात्मिक क्षेत्र में अपनी जगह बना ली है, लेकिन सशक्तिकरण के लिए अगला बड़ा कदम राजनीतिक प्रतिनिधित्व है। संजना नंद गिरि ने कहा, "मेरा मानना है कि हमने धार्मिक क्षेत्र में तो एक शुरुआत कर दी है; कई किन्नर धर्मगुरु हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि असरदार तरीके से बदलाव लाने के लिए किन्नरों का राजनीति में आना भी बहुत ज़रूरी है।"
कौन हैं किन्नर संजना नंद गिरी
चुनाव लड़ने जा रही हैं किन्नर संजना सिंह गिरि मूल रूप से राजधानी भोपाल की रहने वाली है। वह मध्य प्रदेश की पहली ट्रांसजेंडर सरकारी कर्मचारी हैं। वह राज्य के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग में अपनी सेवाएं दी थीं। इससे पहले वह स्वच्छ भारत मिशन और राज्य निर्वाचन आयोग की स्टेट आइकॉन भी रह चुकी हैं। लेकिन अब वह सिसायत में कदम रख चुकी हैं। इसके लिए उन्होंने करीब दो साल पहले सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया है। नौकरी छोड़कर वह किन्नर अखाड़े में शामिल हुई थीं। उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि मिली।जीती
दतिया का दंगल जीतना नहीं आसान
बता दें कि दतिया उपचुनाव को जीतने के लिए सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दतिया उपचुनाव प्रभारी और सांसद भारत सिंह कुशवाह को बनाया है। वहीं कांग्रेस से इसको जीतने के लिए कोई मौका नहीं छोड़ रही है। जीतू पटवारी से लेकर तमाम नेता इस समय दतिया का दौरा कर रहे हैं तो कई विधायक ने तो वहां डेरा डाल लिया है। वहीं किन्नर संजना सिंह के मैदान में आने से अब यह मुकाबला काफी दिलचस्प बना दिया है।
दतिया में बीजेपी-कांग्रेस की सीधी टक्कर
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने घोषणा की है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी। इस बीच, बीजेपी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। उन्होंने मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह ली है, जो 2023 के विधानसभा चुनावों में यह सीट हार गए थे। नरोत्तम मिश्रा ने 2008, 2013 और 2018 में लगातार तीन बार यह सीट जीती थी। हालांकि, 2023 के चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उम्मीद थी कि बीजेपी के इस वरिष्ठ नेता को उपचुनाव में फिर से टिकट मिलेगा, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है। बता दें कि बता दें कि दतिया विधानसभा सीट राजेंद्र भारती को 2 अप्रैल को अयोग्य ठहराए जाने के बाद खाली हो गई थी।


