Lucknow EMI Recovery Case: लखनऊ में EMI न भरने पर युवक को पांच दिन बंधक बनाने, मजदूरी कराने और ब्लड बैंक में खून निकालने का आरोप लगा है। DCP के आदेश पर अपहरण समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ।

EMI Recovery Horror Case: लखनऊ में EMI की वसूली से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिकवरी एजेंटों के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि किश्त न भर पाने पर एक युवक को कथित तौर पर पांच दिन तक बंधक बनाकर रखा गया, उसके साथ मारपीट की गई और ब्लड बैंक ले जाकर उसका खून तक निकलवाया गया। मामला निगोहां के राजाराम खेड़ा पुरहिया का बताया जा रहा है। शिकायत के बाद पुलिस ने अब गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

EMI नहीं भरी तो युवक को बनाया बंधक

आरोप है कि EMI की रकम जमा नहीं होने पर रिकवरी से जुड़े लोगों ने युवक को अपने कब्जे में ले लिया। परिवार का दावा है कि उसे करीब पांच दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उससे कथित तौर पर मजदूरी भी कराई गई।

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पिटाई के बाद ब्लड बैंक ले जाने का आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप युवक के साथ मारपीट और ब्लड बैंक ले जाकर खून निकलवाने का है। परिजनों के मुताबिक युवक को कथित तौर पर शारीरिक यातना दी गई। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

चौकी पहुंचा तो पुलिस पर भी गंभीर आरोप

पीड़ित के परिवार का आरोप है कि जब युवक किसी तरह पुलिस चौकी पहुंचा तो उसकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई और उसे कथित तौर पर वहां से भगा दिया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि थाने में उनकी बात नहीं सुनी गई। पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी अब जांच के आदेश दिए गए हैं।

DCP के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

मामले में DCP South के निर्देश के बाद पुलिस ने अपहरण समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही जिन पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, उनकी भी जांच की जा रही है।

आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि युवक को वास्तव में कितने समय तक बंधक रखा गया, उसके साथ क्या हुआ और ब्लड बैंक से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।

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