UPI MDR Charges : केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ कर दिया है कि UPI पेमेंट पर लगने वाला MDR चार्ज ग्राहकों से नहीं वसूला जाएगा। अगर कोई दुकानदार ऐसा करता है, तो यह गैरकानूनी है और इसे अपराध माना जाएगा।
नई दिल्ली : डिजिटल पेमेंट पर लगने वाले चार्ज को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने बुधवार को ग्राहकों को बड़ी राहत दी। उन्होंने साफ किया कि अगर कोई भी दुकानदार UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ट्रांजैक्शन पर लगने वाला मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ग्राहकों से वसूलने की कोशिश करता है, तो यह कानून का उल्लंघन होगा और इसे अपराध माना जाएगा।
क्या दुकानदार ग्राहक से लेगा UPI चार्ज
- सिंधिया से पूछा गया था कि क्या दुकानदार 0.4 प्रतिशत का MDR ट्रांजैक्शन फीस आम ग्राहकों पर डाल सकते हैं। इस पर उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने आम लोगों पर ऐसा कोई भी चार्ज लगाने की न तो सिफारिश की है और न ही इसकी इजाजत दी है।
- केंद्रीय मंत्री ने ANI को बताया, "ग्राहकों पर यह चार्ज लगाने की कोई सिफारिश नहीं की गई है। ऐसा करना कानून तोड़ना है और यह एक आपराधिक मामला बनेगा।"
- आम जनता के हितों की रक्षा करने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिंधिया ने कहा कि डिजिटल पेमेंट पर लगने वाले ट्रांजैक्शन कॉस्ट से ग्राहकों को पूरी तरह दूर रखा जाएगा।
- उन्होंने साफ कहा, "यह चार्ज कभी भी ग्राहक या आम आदमी पर नहीं थोपा जाएगा। आप इसे हमारे कंज्यूमर पर नहीं लगा सकते।"
राहुल गांधी ने उठाया था आम आदमी का सवाल?
- केंद्रीय मंत्री सिंधिया का यह बयान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस आरोप के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी "अमेरिकी दबाव के आगे झुक गए हैं" और उन्होंने UPI पर "टैक्स" लगा दिया है।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने कहा, "एक बार इंदिरा जी से पूछा गया था कि वह लेफ्ट की तरफ झुकती हैं या राइट की तरफ, तो उनका जवाब था, 'मैं न लेफ्ट झुकती हूं, न राइट, मैं सीधी खड़ी रहती हूं।' मोदी जी का कॉन्सेप्ट बिल्कुल अलग है। वह न लेफ्ट हैं, न राइट; उन्होंने सीधे लेटकर डोनाल्ड ट्रंप के सामने दंडवत होने का फैसला कर लिया है। उन्होंने UPI पर टैक्स लगाकर हर एक भारतीय पर टैक्स थोप दिया है और अमेरिका को बहुत सारा पैसा दे रहे हैं। मोदी जी, कृपया अमेरिका के सामने लेटना बंद कीजिए। रीढ़ की हड्डी दिखाइए, खड़े होइए और यह UPI टैक्स वापस लीजिए।"
सरकार ने कहा-जनता से नहीं लिया जाएाग पैसा
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि MDR न तो कोई टैक्स है और न ही सरकार इसे वसूलती है। यह पैसा पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़े लोगों, जैसे बैंकों और पेमेंट ऐप कंपनियों के बीच बांटा जाता है, ताकि UPI सिस्टम को चलाने और इसके विस्तार में मदद मिल सके।
कब से लागू होगा यह नया नियम?
- नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क पेश किया था। इसके तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा, जबकि आम ग्राहकों के लिए UPI का इस्तेमाल पहले की तरह ही बिल्कुल फ्री रहेगा। यह नया UPI MDR फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा और यह सिर्फ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर ही लागू होगा।
- नए नियम के मुताबिक, 2,000 रुपये से ज्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा। हालांकि, एक ट्रांजैक्शन पर यह चार्ज अधिकतम 300 रुपये ही हो सकता है।


