Ladli Bahan Yojana 33rd Installment: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की बहनें लक्ष्मी और अन्नपूर्णा हैं। महाशिवरात्रि से पहले 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये की 33वीं किस्त ट्रांसफर की गई।
भोपाल: महाशिवरात्रि से पहले मध्यप्रदेश की करोड़ों महिलाओं को मोहन सरकार की बड़ी सौगात मिली है। शनिवार, 14 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के पंधाना में लाड़ली बहनों को योजना की 33वीं किस्त ट्रांसफर की। सीएम ने सिंगल क्लिक से प्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। इस योजना में अब तक लाड़ली बहनों को 52,304 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा कर प्रदेश के कल्याण के लिए उनका आशीर्वाद लिया।
सीएम डॉ. मोहन यादव की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर खंडवा के चहुंमुखी विकास के लिए 608 करोड़ रुपए से अधिक के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इसमें 255 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं 353.82 करोड़ लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले में 301 करोड़ लागत की निर्मित भाम सिंचाई परियोजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रयोगशाला और पंधाना के नवीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का शुभारंभ भी किया।
बहनें लक्ष्मी, अन्नपूर्णा हैं- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहनें मध्यप्रदेश की लक्ष्मी हैं, अन्नपूर्णा हैं, उनके लिए जितना करें, उतना कम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हमेशा नारी कल्याण के लिए दृढ़ संकल्पित है। सनातन संस्कृति में नारी का स्थान सर्वोपरि है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व से पहले प्रदेश की लाड़ली बहनों को 1500 रुपए सम्मान राशि की अद्भुत सौगात मिल रही है। बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार बहनों के कल्याण के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में हमारी प्राथमिकता है कि बहनों को प्रशिक्षण मिले, उन्हें स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए और मेहनत की सही कीमत मिले। बहनें एक बगिया मां के नाम योजना और स्व-सहायता समूहों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। हमारी बहनें लखपति दीदी के साथ अब ड्रोन दीदी भी बन रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित 5 लाख स्व-सहायता समूह के माध्यम से अब तक 62 लाख बहनें आत्मनिर्भर हुई हैं।
5 लाख स्व-सहायता समूह की 62 लाख बहनें हुईं आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति नारी प्रधान है। घर में माताओं-बहनों के हाथ में पैसे आएं तो वे उन्हें परिवार की सुख समृद्धि में लगाती हैं। बहनों की जिंदगी बदलने के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार कपास आधारित उद्योग में काम करेंगी तो उन्हें 5 हजार रुपए महीना अलग से दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवार की बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में हो रहा है। सामूहिक कन्यादान योजना में 55 हजार रुपए प्रति जोड़ा राशि दी जाती है।
बेटियों के लिए फ्री कोचिंग की सुविधा
सनातन संस्कृति के 16 संस्कारों में विवाह संस्कार सबसे बड़ा संस्कार है। यह परिवार में अमरता का संस्कार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पात्र हितग्राही परिवार की बेटियों के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था करा रही है, जिससे वे पढ़-लिखकर प्रदेश और परिवार का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना में प्रदेश की 25 लाख बहनों को 111 करोड़ की राशि भी निरंतर भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रदेश की 7 लाख से अधिक हितग्राहियों बहनों को 385 करोड़ की राशि दी गई है।
खेती में महिलाओं की भागीदारी से सशक्त होगी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में दूध का उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिला है। गेहूं का समर्थन मूल्य भी 2700 रुपए प्रति क्विंटल मिलेगा। खेती में महिलाओं की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, गांव, किसान परिवार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था उतनी ही सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के लिए फिर से सर्वे कराया जा रहा है, जिससे वंचित पात्र हितग्राहियों को भी पक्के मकान मिल पाएं। राज्य सरकार गांव-गांव तक नल जल योजना से शुद्ध पेय जल उपलब्ध करवा रही है।
धार्मिक पर्यटन का अद्भुत केंद्र बनकर उभरेगा निमाड़
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खंडवा दादा धूनीवाले दादा, क्रांति सूर्य जननायक टंट्या मामा और सुप्रसिद्ध गायक किशोर कुमार की धरती है। राज्य सरकार ने टंट्या मामा के नाम पर खरगौन में विश्वविद्यालय स्थापित किया। साथ ही जनजातीय महापुरुषों को सम्मान देने के लिए कार्यक्रमों की रचना भी की है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर मालवा और निमांड़ अंचल की पहचान है। उन्होंने वाराणसी के काशी विश्वनाथ सहित अनेक मंदिरों को भव्यता प्रदान की। बहुत जल्द खंडवा से ओंकारेश्वर और ओंकारेश्वर-इंदौर के बीच नई रेल लाइन की शुरुआत होगी। निमाड़ की कनेक्टिविटी इंदौर और दिल्ली-मुंबई से बढ़ जाएगी।
बाबा ममलेश्वर धाम को विकसित करने का प्लान
औद्योगिक विकास के साथ निमाड़ अंचल भी समृद्ध होगा। बाबा ममलेश्वर धाम (ओंकारेश्वर) को विकसित करने के लिए 300 करोड़ लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं। यहां एकात्म धाम, स्टैच्यू ऑफ वननेस, संत सिंगाजी धाम के विकास कार्यों के पूर्ण होने पर निमाड़ अंचल धार्मिक पर्यटन का अद्भुत केंद्र बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में खंडवा जिले के लिए सुक्ता माइक्रो सिंचाई परियोजना, पंधाना में "एक जिला-एक उत्पाद" योजना में प्याज प्रोसेसिंग यूनिट और पंधाना तालाब नगर परिषद को हस्तांतरण करने की घोषणा की।


