मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में ₹696.37 करोड़ के 80 विकास कार्यों का शुभारंभ किया। प्रमुख घोषणाओं में मिनी एयरपोर्ट, कृषि इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, शाहपुर को नगरपालिका बनाना और केला प्रसंस्करण इकाई की स्थापना शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹696.37 करोड़ लागत के 80 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले के समग्र विकास को नई गति दी। मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यानिकी एवं अन्य विभागों की दो साल की उपलब्धियों और भावी विकास योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ कर स्टाल्स का अवलोकन भी किया।
मध्यप्रदेश का चहुंमुखी विकास ही सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का चहुंमुखी विकास ही सरकार का एकमात्र लक्ष्य है। आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में हर नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सबको साथ और विश्वास में लेकर हम ऐसे नये मध्यप्रदेश का निर्माण करेंगे, जहां विकास केवल अवसर नहीं, यहां के हरेक नागरिक का अधिकार होगा। मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता और शिद्दत से काम कर रही है। विकास का प्रकाश प्रदेश के हर कोने, हर गली-मोहल्ले तक पहुंचे, इसी मूल संकल्प के साथ हमारी सरकार सबको साथ और विश्वास में लेकर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर का विकास हमारी प्राथमिकता में है। हमने इस जिले को विकसित और समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है, जिले की जनता की भागीदारी से हम इसे सिद्ध करेंगे, आने वाला समय इसका साक्षी बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर बुरहानपुर में मिनी एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की। उन्होंने बुरहानपुर में केला उत्पादक किसानों के हित में वैल्यू एडिशन, भण्डारण एवं प्रसंस्करण के लिए इकाई स्थापित करने, बुरहानपुर में कृषि आधारित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में नगर परिषद शाहपुर को परीक्षण उपरांत नगरपालिका का दर्जा दिया जाएगा। बुरहानपुर में बारकरी समुदाय का कीर्तन केंद्र बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यानिकी विषय अब प्रदेश के सभी कॉलेजेस में पढ़ाया जाएगा। उन्होंने खामनी से दही हांडी तक खामनी से रायगांव एवं शाहपुर से शिवपुरी तक सड़क बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर में युवाओं के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रारंभ किए जाएंगे। राज्य सरकार बुरहानपुर सहकारी सूत मिल श्रमिकों के बकाया भुगतान कराएगी और यहां नए उद्योग-धंधे भी स्थापित करेगी।
'बुनकरों का शहर' है बुरहानपुर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम यह जिला पावरलूम उद्योग का प्रमुख केन्द्र है और कपड़ा उत्पादन के कारण 'बुनकरों के शहर' के रूप में बुरहानपुर के नाम से विख्यात है। उन्होंने कहा कि कपड़ा उद्योग की बढ़ती मांग के कारण यहां कपास की खेती भी बड़े पैमाने पर की जाती है। यह खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उद्योगों को भी मजबूती देती है। यहां का केला उत्पादन, फसल विविधता और परिश्रमी किसान, यही हमारे कृषि कल्याण वर्ष की असली ताकत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केला और कपास जैसे प्रमुख उत्पादों के लिए प्रोसेसिंग, भंडारण और निर्यात सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। ताप्ती ग्राउंड वाटर मेगा रिचार्ज परियोजना से लहलहाएगी बुरहानपुर की धरती
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां ताप्ती और नर्मदा मैया के आशीर्वाद से मालवा-निमाड़ का पूरा क्षेत्र आनंदित है। प्रदेश में सरदार सरोवर जैसे बांध बनाने की श्रृंखला शुरू हुई है। आज हमारे किसान ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। आज मध्यप्रदेश के किसान नदी जोड़ो अभियान से लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। ताप्ती ग्राउंड वाटर मेगा रिचार्ज परियोजना पूरी होने के बाद बुरहानपुर की धरती और भी लहलहाएगी।


