Kharge on Modi Government: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि देश में इस वक्त अघोषित आपातकाल लागू है। उन्होंने कहा कि वह असली आपातकाल के दौरान मंत्री थे, लेकिन तब भी ऐसे हालात नहीं थे जैसे आज हैं।

Undeclared Emergency: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश में मौजूदा हालात की तुलना अघोषित आपातकाल से करते हुए आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचल रही है। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि विरोध की आवाज दबाने के लिए जिस तरह की कार्रवाई हो रही है, वह चिंताजनक है।

'असली आपातकाल के दौरान भी ऐसा नहीं हुआ'

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कलबुर्गी में यह बयान दिया। उन्होंने अपने पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश में वास्तविक आपातकाल लागू किया गया था, तब वह मंत्री थे। खरगे के मुताबिक, उस दौर में भी ऐसी घटनाएं देखने को नहीं मिलीं, जैसी आज सामने आ रही हैं। उन्होंने मौजूदा स्थिति को लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध की आवाज से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

मोदी और अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोप

खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मिलकर विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से दबाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए केवल एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं होगा। खरगे के बयान के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई के पीछे जिन लोगों की भूमिका है, उनकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।

'ज्ञानेश कुमार को सजा देना काफी नहीं'

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि केवल उन्हें सजा देने से काम नहीं चलेगा। खरगे ने आरोप लगाया कि उनसे यह सब करवाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का नाम लेते हुए उनके खिलाफ भी जवाबदेही तय करने की मांग की।

राजनीतिक माहौल में बयान से बढ़ सकती है तल्खी

खरगे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। उनके आरोपों से केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है। हालांकि, खरगे के इन बयानों पर केंद्र सरकार या संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है।