Imran Khan PTI government: पाकिस्तान में बड़ा सियासी बवाल मच गया है. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार को सस्पेंड कर दिया है और वहां इमरजेंसी लगा दी है. हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और सेना को उतार दिया गया है.
इस्लामाबाद: पाकिस्तान पिछले कुछ सालों से लगातार राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है. इसी बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा की सरकार को सस्पेंड करके वहां इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है. इमरान खान की पार्टी पीटीआई (PTI) ने हाल ही में बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, जिसके तुरंत बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है.
आखिर क्यों लगी इमरजेंसी?
खैबर पख्तूनख्वा में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई सत्ता में थी. वहां का पूरा कामकाज पीटीआई ही देख रही थी. लेकिन इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पीटीआई ने अपने प्रदर्शन तेज कर दिए, जो इस इमरजेंसी की मुख्य वजह बना. पीटीआई कार्यकर्ताओं ने खैबर पख्तूनख्वा में एक बड़ा विरोध मार्च निकाला था, जिसमें इमरान खान के हजारों समर्थक जुटे थे. इसी दौरान उन्होंने चेतावनी दी थी कि वे जल्द ही राजधानी इस्लामाबाद की तरफ कूच करेंगे. इस धमकी के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर की सलाह पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सरकार को सस्पेंड कर इमरजेंसी लगा दी.
पीएम शहबाज शरीफ और पीटीआई में ठनी
खैबर प्रांत में इमरान खान को जेल से बाहर निकालने के लिए लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. हर दिन विरोध की आग तेज हो रही है और भारी भीड़ जुट रही है. लोग इमरान खान के समर्थन में और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. इस बात ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी थी. राष्ट्रपति जरदारी को भी यह समझ आ गया था कि जेल में रहने के बावजूद इमरान खान की लोकप्रियता जरा भी कम नहीं हुई है. इसलिए बिना देरी किए खैबर प्रांत की पीटीआई सरकार को बर्खास्त कर दिया गया और इमरजेंसी थोप दी गई.
पाकिस्तानी राष्ट्रपति की सफाई
खैबर पख्तूनख्वा में सरकार गिराने और इमरजेंसी लगाने को लेकर आसिफ अली जरदारी के दफ्तर ने एक बयान जारी किया है. इसमें बताया गया है कि पाकिस्तान के संविधान के आर्टिकल 232 और 234 के तहत यह इमरजेंसी लगाई गई है. खैबर प्रांत के बिगड़ते हालात को देखते हुए शहबाज शरीफ की कैबिनेट ने बैठक की और यह बड़ा फैसला लिया. शहबाज शरीफ ने ही सरकार को बर्खास्त कर इमरजेंसी लगाने की सिफारिश की थी, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूर कर लिया.
दूसरी तरफ, इमरान खान के करीबी जुल्फिकार बुखारी ने इस इमरजेंसी पर कड़ा गुस्सा जाहिर किया है. उन्होंने इसे बदले की राजनीति बताया है. बुखारी का कहना है कि पूरे पाकिस्तान में सिर्फ खैबर ही ऐसा प्रांत था जहां जनता द्वारा चुनी गई एक वैध सरकार थी, और अब उसे भी बर्खास्त करके इमरजेंसी लगा दी गई है.
