घर की सफाई में 20 साल पुरानी दादाजी की SBI पासबुक मिली, जिसमें 1 लाख से ज़्यादा रुपये होने का दावा है। परिवार अब इस खोई हुई बचत को वापस पाने के तरीके खोज रहा है।

घर की नॉर्मल साफ-सफाई चल रही थी, तभी एक शख्स को 20 साल से भी ज़्यादा पुरानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक पासबुक मिली। ये पासबुक उनके मरहूम दादाजी की थी। ये कहानी अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल, पूजा नाम की एक महिला ने X पर ये कहानी शेयर की और पूछा कि क्या इस अकाउंट में जमा पैसा अब भी वापस मिल सकता है?

इस वायरल पोस्ट के मुताबिक, जब उस शख्स को ये 20-24 साल पुरानी पासबुक मिली, तो उसने अपने पिता को दिखाई। पिता ने इसे फौरन पहचान लिया और बताया कि ये उनके मरहूम पिता की खोई हुई पासबुक है। परिवार तो यही मानकर चल रहा था कि ये पासबुक हमेशा के लिए गुम हो गई है।

यूजर ने लिखा, "एक लड़के को घर की सफाई करते हुए 20-24 साल पुरानी SBI की पासबुक मिली। और जो उसने देखा, उससे उसका पूरा परिवार हैरान रह गया। जब उसने पासबुक अपने पिता को दिखाई, तो उन्हें पता चला कि यह उनके मरहूम दादाजी की है।"

परिवार का दावा है कि इस भूले-बिसरे अकाउंट में अब भी 1 लाख रुपये से ज़्यादा का बैलेंस है। इस खोज के बाद परिवार को उम्मीद जगी है कि शायद ये खोया हुआ पैसा उन्हें वापस मिल सकता है।

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कानूनी प्रक्रिया के बारे में पक्का पता न होने पर, पूजा ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने पूछा कि क्या अकाउंट होल्डर की मौत के बाद भी पैसा क्लेम किया जा सकता है। उन्होंने पूछा, "या ये पैसा हमेशा के लिए डूब गया?"

उन्होंने लिखा, "अगर आप बैंकिंग प्रोसेस जानते हैं या आपके साथ ऐसा कुछ हुआ है, तो कमेंट्स में अपना अनुभव शेयर करें। आपकी सलाह एक परिवार को उनकी भूली हुई बचत वापस दिलाने में मदद कर सकती है।"

सोशल मीडिया पर लोगों ने दी सलाह

ये पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई। इसे 114,000 से ज़्यादा बार देखा गया और यूजर्स ने बैंकिंग नियमों और अपने निजी अनुभवों के आधार पर काम की सलाह देनी शुरू कर दी। एक यूजर ने कमेंट किया, "पुरानी पासबुक का मतलब यह नहीं है कि पैसा चला गया। एक बार बैंक से पता करना तो बनता है।"

एक अन्य यूजर ने पूरी प्रक्रिया समझाई, "पुराने SBI अकाउंट को क्लेम करने के लिए SBI की होम ब्रांच में जाएं। वहां डेथ सर्टिफिकेट, आईडी प्रूफ, कानूनी वारिस/रिश्ते का सबूत और बैंक का क्लेम फॉर्म जमा करें। अगर कोई नॉमिनी नहीं है, तो बैंक पैसा देने से पहले उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (succession certificate) या दूसरे कानूनी दस्तावेज मांग सकता है।"

एक तीसरे यूजर ने लिखा, "पुराने फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। भले ही अकाउंट सालों से इस्तेमाल न हुआ हो, लेकिन पैसा डूब गया, यह मानने से पहले बैंक जाकर आधिकारिक प्रक्रिया को समझना बेहतर है।"