धारवाड़ में डॉ. किरण होननवर की हत्या और 8 साल के बेटे पर चाकू से हमला। कर्नाटक पुलिस पहुंची तो पत्नी कथित तौर पर लाशों के पास मोबाइल चलाती मिली। आखिर फ्लैट के अंदर हुआ क्या? जांच में बड़े खुलासे की उम्मीद।
धारवाड़ (कर्नाटक): जब हकीकत किसी डरावनी फिल्म के स्क्रीनप्ले से भी ज्यादा खौफनाक हो जाए, तो रोंगटे खड़े होना लाजिमी है। कर्नाटक के धारवाड़ से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। एक आलीशान अपार्टमेंट की छठी मंजिल, चारों तरफ बिखरा हुआ इंसानी खून, एक बेजान लाश, तड़पता हुआ मासूम बच्चा और उसी कमरे में बेड पर लेटी हुई एक महिला, जो बिना किसी शिकन के बेहद सामान्य ढंग से अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन स्क्रॉल कर रही थी। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि चिरायु अस्पताल के एनेस्थेटिस्ट डॉ. किरण होननवर के घर का वो भयावह मंजर है, जिसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
बंद दरवाजे के पीछे का रहस्य: 'वह आराम कर रहे हैं...'
यह खौफनाक सिलसिला तब शुरू हुआ जब मंगलवार की रात और बुधवार की सुबह डॉ. किरण के रिश्तेदारों और दोस्तों ने उन्हें फोन किया। दूसरी तरफ से फोन डॉ. किरण की पत्नी प्रियंका ने उठाया-जो खुद भी एक योग्य डॉक्टर (MBBS, MS ऑप्थल्मोलॉजी) हैं। प्रियंका की आवाज में घबराहट का एक कतरा भी नहीं था। उसने बेहद सामान्य लहजे में रिश्तेदारों को बताया, "वह अभी आराम कर रहे हैं।" कुछ घंटों बाद जब दोबारा फोन किया गया, तो उसने कहानी बदलते हुए कहा, "वह अपनी ड्यूटी पर चले गए हैं।" किसी को अंदाजा भी नहीं था कि इन शांत जवाबों के पीछे एक रूह कंपा देने वाला सच छुपा हुआ था।
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जब अपनों ने खोला दरवाजा: लाशों के बीच 'स्क्रीन टाइम'
बुधवार की शाम जब लगातार फोन करने के बावजूद डॉ. किरण से बात नहीं हो पाई, तो चिंतित परिवार वाले पवन हाई स्कूल के सामने स्थित उनके छठी मंजिल के फ्लैट पर पहुंचे। दरवाजा खोलने पर जो नजारा उनके सामने था, उसने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी। पूरे फ्लैट में खून बिखरा हुआ था। डॉ. किरण होननवर एक कमरे में खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़े थे। वहीं, उनका 8 साल का मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल, जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था। लेकिन सबसे हैरान और डरा देने वाली बात यह थी कि आरोपी पत्नी प्रियंका उसी कमरे में बिस्तर पर लेटी हुई थी और बेहद ठंडे दिमाग से अपने फोन पर कुछ चला रही थी। उसे न तो अपने पति की मौत का मलाल दिख रहा था और न ही तड़पते हुए बेटे की चीखें सुनाई दे रही थीं।
पुलिस कमिश्नर का दखल और वो आखिरी सांसें
पड़ोसियों और परिवार की सूचना पर हुबली-धारवाड़ पुलिस कमिश्नर एन. शशिकुमार तुरंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे में कदम रखते ही पुलिस को अहसास हुआ कि वक्त बेहद कम है। उन्होंने देखा कि घायल बच्चा अभी भी सांस ले रहा था। बिना एक पल गंवाए, पुलिस ने तड़पते हुए मासूम को तुरंत एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। कमिश्नर शशिकुमार ने मीडिया को बताया: "डॉ. किरण एक कमरे में मृत पाए गए, जबकि उनके 8 साल के बेटे पर भी बेरहमी से चाकू से हमला किया गया था। हमें यह जांच करनी है कि बच्चे पर असल में किस वक्त हमला किया गया। चूंकि वह जीवित था, इसलिए हमारी प्राथमिकता उसे अस्पताल पहुंचाना था।"

कोई बाहरी नहीं आया: तो फिर हत्यारा कौन?
शुरुआती जांच ने इस पूरे मामले को और अधिक उलझा और सस्पेंस से भर दिया है। पुलिस के अनुसार, घटना के वक्त अपार्टमेंट के अंदर सिर्फ डॉ. किरण, उनकी पत्नी प्रियंका और उनका बेटा ही मौजूद थे। घर के अंदर किसी बाहरी व्यक्ति के जबरन घुसने या चोरी के कोई निशान नहीं मिले हैं। अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि किसी बाहरी व्यक्ति ने जबरन घर में प्रवेश किया हो। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और घटनाक्रम की टाइमलाइन की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित घटना के बाद आरोपी ने किन लोगों से बात की और क्या जानकारी दी।
रिश्तेदारों को दिए अलग-अलग जवाब, फिर खुला खौफनाक राज
पुलिस के अनुसार, 45 वर्षीय डॉ. किरण होननवर चिरायु अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट थे। उनकी पत्नी प्रियंका कट्टानाहल्ली भी मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ी हैं। जांच में सामने आया है कि मंगलवार रात और बुधवार सुबह जब रिश्तेदारों और दोस्तों ने डॉ. किरण से संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन प्रियंका ने उठाया। पहले उन्होंने कहा कि किरण आराम कर रहे हैं, बाद में बताया कि वे ड्यूटी पर गए हैं। इन जवाबों से परिवार को संदेह हुआ। जब कई घंटों तक कोई संपर्क नहीं हो सका, तो बुधवार शाम परिजन सीधे फ्लैट पहुंचे। दरवाजा खुलने के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया।
मोबाइल फोन और फोरेंसिक जांच से खुल सकते हैं कई राज
जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल गतिविधियों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी जांच कर रही हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना कब हुई, उसके बाद किसे फोन किया गया और क्या किसी तरह की योजना या विवाद पहले से मौजूद था। घटनास्थल से जुटाए गए फोरेंसिक साक्ष्य भी यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि हमला किस क्रम में हुआ और अपराध के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
डा. किरण की हत्या का मकसद क्या था? जवाब अभी भी बाकी
फिलहाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक हत्या के पीछे की वजह का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। जांचकर्ताओं का कहना है कि पारिवारिक विवाद, मानसिक स्थिति, डिजिटल साक्ष्य और अन्य सभी संभावित पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक उच्च शिक्षित डॉक्टर पत्नी ने अपने ही पति की इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की? और उससे भी बड़ा सवाल-क्या कोई मां अपने ही 8 साल के बेटे को इस कदर चाकू से गोद सकती है? पुलिस अब प्रियंका के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड्स, चैट और इंटरनेट हिस्ट्री खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि वारदात के वक्त और उसके बाद वह किससे और क्या बात कर रही थी। हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है, और पुलिस कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
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