Meerut Horror Case : यूपी के मेरठ के सदर बाजार इलाके में एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामले का खुलासा हुआ है। जहां एक पिता अपनी जवान बेटी की लाश के साथ 4 महीने से रह रहा था। बदबू छिपाने पर रोज करता था परफ्यूम स्प्रे।

उत्तर प्रदेश के मेरठ से देश को हिलाकर रख देने वाली घटना सामने आई है। स्पॉट पर पहुंचे पुलिसवाले भी इस भयानक दृश्य देखकर दंग रह गए। यहां यहां एक बंद पड़े मकान से 34 साल की युवती का सड़ा-गला शव बरामद हुआ है। पूरी बॉडी कंकाल बन चुकी थी, सिर्फ एक पैर ही बचा था। हैरानी की बात यह है कि पिता बेटी की लाश के साथ इस घर में 4 महीने से रह रहा था। जब बदबू आती तो शव पर परफ्यूम स्प्रे कर देता था।

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 बॉडी सड़कर बन चुकी थी कंकाल

दरअसल, यह मामला मेरठ के सदर बाजार के तेली मोहल्ले का है। झकझोर देने वाले इस घटना का खुलासा तब हुआ जब घर पर रिश्तेदार पहुंचे। घर से उनको कुछ अजीब से बदबू आ रही थी, वहीं बेटी भी दिखाई नहीं दिखा। उनको कुछ शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को फोन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के एक कमरे से लाश बरामद की। बॉडी की हालत इतनी बदतर हो चुकी थी कि रिश्तेदार से लेकर पुलिस वाले और पड़ोसी उसे देख नहीं पा रहे थे।

पुलिस वालों को भी मुंह पर बांधना पड़ा कपड़ा

युवती के शव की हालत इतनी बुरी थी कि कोई उस तरफ देख नहीं पा रहा था। लोगों ने मुंह पर कपड़ा बांधा हुआ था। वहीं पुलिसकर्मी भी घर के अंदर मास्क लगाकर शव उठाने के गए। इतनी भयानक बदबू थी कि कई लोग तो अंदर जाने की हिम्मत तक नहीं कर पा रहे थे। वहीं कुछ लोगों तो उल्टियां भी हो चुकी थीं।

काशी में शिक्षा विभाग नौकरी करता था पिता

पुलिस ने जब मामले की जांच के तो पता चला कि मृतक युवती का पिता उदय भानु बंगाल का रहने वाला था। जो जो काशी में शिक्षा विभाग से 2010 में रिटायर हो चुका था। वह मेरठ के सदर तेली मोहल्ले में अपनी बेटी प्रियंका बिस्वास (35) के साथ रहता था। पत्न शर्मिष्ठा (59) की 13 साल पहले मौत हो चुकी है। ऐसे में पिता और बेटी ही बचे थे। वह ज्यादा किसी से ना तो मिलता और ना ही बात करता था। इतना ही नहीं बेटी को भी किसी से नहीं मिलने देता था। इसी बीच दिसंबर 2025 को प्रियंका की बीमारी की वजह से मौत हो गई। एक सप्ताह तक शव पर परफ्यूम छिड़ककर साथ रहा। फिर वह शव घर में छोड़कर देहरादून चला गया। 

ऐसे हुआ इस शॉकिंग केस का खुलासा

 रिश्तेदारों ने जब उसे कॉल करते वह बात नहीं करता था। इसी बीच वह भानु के घर गए, लेकिन बाहर से ताला डला था। लेकिन अंदर से सड़े गले जैसी बदबू आ रही थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को कॉल किया तो सारी कहानी सामने आ गई। बता दें कि शुक्रवार को रिश्तेदारों ने जब युवती के पिता मेरठ की एक चाय की दुकान पर बैठा देखा तो वह सन्न रह गए। क्योंकि वो उनको देहरदून जाने का बोलता था। बाकी लोग भी मौके पर आ गए और जब उससे बेटी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि वह देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती है। लेकिन वह घर गए तो उनको अंदर से बदबू आने पर कुछ शक हुआ, तब जाकर पूरा मामले का खुलासा हुआ। पिता ने बताया कि वह बेटी की मौत से टूट चुका था, इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि अंतिम संस्कार कर सके। इसलिए छोड़कर चला गया था।