कुंभ मेले से वायरल लड़की की शादी के मामले में पति पर पॉक्सो एक्ट लगा है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अनुसार लड़की नाबालिग थी। अब MP पुलिस केरल पुलिस से संपर्क कर उम्र और शादी के दस्तावेज़ों की जांच करेगी।

नई दिल्ली: कुंभ मेले से वायरल हुई लड़की की शादी को लेकर चल रहे विवाद में अब मध्य प्रदेश पुलिस केरल पुलिस से भी जानकारी मांगेगी। मामला लड़की के पति फरमान खान पर लगे पॉक्सो एक्ट से जुड़ा है। एमपी पुलिस का कहना है कि वो लड़की के उन सभी दस्तावेज़ों को हासिल करेगी जो केरल में रजिस्टर हुए हैं, जिसमें शादी का सर्टिफिकेट भी शामिल है। इसके लिए जल्द ही केरल पुलिस से संपर्क किया जाएगा। एमपी पुलिस ने यह भी साफ किया है कि लड़की ने जो भी कागज़ात पेश किए थे, उनकी भी बारीकी से जांच होगी। इसके बाद ही केस में नई धाराएं जोड़ने पर कोई फैसला लिया जाएगा।

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यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने अपनी जांच में पाया कि शादी के वक्त लड़की नाबालिग थी। इसी जांच के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया।

आपको बता दें कि यह शादी 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के अरुमानूर श्री नैनार देव मंदिर में हुई थी। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच के मुताबिक, महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में लड़की की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है, जिसके हिसाब से शादी के वक्त उसकी उम्र 16 साल थी। वहीं, लड़की ने तिरुवनंतपुरम पुलिस को जो दस्तावेज़ दिखाए, उनमें उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज है। आयोग का कहना है कि लड़की की तरफ से दिया गया जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है। इसी मामले में आयोग ने डीजीपी को इस महीने की 22 तारीख को पेश होकर जवाब देने का निर्देश दिया है।

हालांकि, केरल की थंपानूर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उनकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, 11 मार्च की सुबह 8 बजे लड़की अपने पिता जयसिंह और दोस्त मोहम्मद फरमान के साथ थंपानूर पुलिस स्टेशन आई थी। लड़की और फरमान ने एक साथ शिकायत दी कि लड़की के पिता की बहन का बेटा उससे शादी करने के लिए दबाव बना रहा है और उन्हें शांति से जीने के लिए सुरक्षा चाहिए।

पुलिस की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि उम्र साबित करने के लिए लड़की ने अपना आधार कार्ड दिया। आधार पोर्टल पर जांच करने पर कार्ड असली पाया गया और उस पर लिखी जन्मतिथि के हिसाब से लड़की बालिग थी। उसने महेश्वर नगर पंचायत का जन्म प्रमाण पत्र भी दिया, जिसमें वही आधार नंबर था। लेकिन पुलिस के पास उस वक्त जन्म प्रमाण पत्र की असलियत जांचने का कोई सिस्टम नहीं था। लड़की के बालिग होने की वजह से पुलिस ने उसकी मांग मान ली और उसे फिल्म लोकेशन से आए उसके सहकर्मियों के साथ भेज दिया। लड़की के पिता ने स्टेशन पर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। इस घटना के 10 दिन बाद महेश्वर पुलिस ने अपहरण की शिकायत पर केस दर्ज किया था।