मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क में फलों के आसमान छूते दामों को लेकर एक X पोस्ट वायरल हो गई है। इस पोस्ट पर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई है। लोग अमरूद, आम और खीरे के रेट सुनकर हैरान हैं और इसे 'टूरिस्ट प्राइस' बताकर मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं।

मुंबई के मशहूर मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क में फलों के महंगे दामों को लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने इन कीमतों को 'टूरिस्ट प्राइस' बताते हुए हैरानी जताई है। यह पूरा मामला एक वायरल पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें पार्क के अंदर बिकने वाले आम फलों और सब्जियों के रेट बताए गए थे। इसके बाद लोगों ने इसकी तुलना लोकल मार्केट के दामों से करनी शुरू कर दी और मजेदार कमेंट्स शेयर किए। यह पोस्ट X (पहले ट्विटर) पर 'रुतु' नाम की एक यूजर ने शेयर की थी, जिन्होंने नेशनल पार्क में आने वाले सैलानियों से वसूली जा रही इन ऊंची कीमतों पर सवाल उठाया।

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वायरल X पोस्ट में बताए गए फलों के दाम

पोस्ट के कैप्शन में लिखा था: “घूमने-फिरने के दौरान हमें ये मिलता है। संजय गांधी नेशनल पार्क में: अमरूद – ₹30 प्रति पीस, आम – ₹70 प्रति पीस, खीरा – ₹20 प्रति पीस। टूरिस्टों के लिए तो दाम ही अलग लेवल पर होते हैं।”

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यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और लोग इस पर बहस करने लगे कि क्या किसी मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पर इतने दाम लेना सही है।

सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन

एक यूजर ने मज़ाक में लिखा: "दुकानदार: UPI चलेगा। मैं: EMI चलेगी?"

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एक दूसरे यूजर ने लिखा: "30 में तो 1 किलो खीरा मिलता है।"

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एक तीसरे यूजर ने कमेंट किया: "टूरिस्ट जगहों पर दो चीजें कॉमन होती हैं: खूबसूरत नजारे... और ऐसे दाम जो आपको हैरान कर दें।"

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एक चौथे यूजर ने लिखा: "ये दाम तो बहुत ही ज्यादा हैं!"

वायरल पोस्ट ने 'टूरिस्ट प्राइसिंग' पर बहस छेड़ी

इस वायरल पोस्ट ने टूरिस्ट जगहों पर होने वाली प्राइसिंग को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है, जहां खाने-पीने की चीजें आस-पास के बाजारों के मुकाबले काफी महंगी बेची जाती हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का मानना था कि मशहूर जगहों पर घूमते वक्त ऐसे दाम चुकाना आम बात है, वहीं दूसरों ने कहा कि आम फलों और सब्जियों के लिए इतने पैसे लेना सरासर गलत है। इस मुद्दे पर ऑनलाइन चर्चा अभी भी जारी है। लोग देश भर के टूरिस्ट स्पॉट्स से अपने ऐसे ही अनुभव शेयर कर रहे हैं और इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या इस तरह की कीमत जायज है या नहीं।