Bhote Koshi River: नेपाल में अचानक आई बाढ़ में फंसे नागपुर के करीब 100 यात्री सुरक्षित घर लौट आए हैं। उन्होंने अपनी आंखों के सामने एक बस को बहते देखने का खौफनाक अनुभव साझा किया और काठमांडू से उन्हें बचाने के लिए महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस को धन्यवाद दिया।
Indian Tourists Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद फंसे नागपुर के करीब 100 तीर्थयात्री रविवार को सुरक्षित अपने घर लौट आए। नेपाल में बिताए भयावह वक्त को याद करते हुए यात्रियों ने बताया कि किस तरह उन्होंने अपनी आंखों के सामने बाढ़ का कहर देखा और कई बार जिंदगी और मौत के बीच फंसने जैसा महसूस किया।
‘हमसे 50 किलोमीटर दूर थी सबसे बड़ी तबाही’
तीर्थयात्री योगेश गवांडे ने बताया कि जिस इलाके में सबसे ज्यादा तबाही हुई, वह उनके ठहरने की जगह से करीब 50 किलोमीटर दूर था। हालांकि, खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण उनका काठमांडू से निकलना मुश्किल हो गया था। उन्होंने कहा कि वे राजधानी में फंस गए थे और लंबे समय तक घर लौटने की उम्मीद भी मुश्किल नजर आ रही थी।
लौटते वक्त आंखों के सामने बह गई बस
योगेश गवांडे ने बताया कि भारत लौटते समय उन्होंने ऐसा मंजर देखा जिसे शायद ही कभी भूल पाएंगे। उनके मुताबिक, यात्रियों को निकालने के लिए चार बसें लगाई गई थीं, लेकिन रास्ते में पानी का बहाव इतना तेज था कि पांच बसों में से एक बस पानी में बह गई। उन्होंने कहा कि मौसम बेहद खराब था और लगातार बारिश हो रही थी। इस दौरान यात्रियों ने बाढ़ के पानी की भयावह ताकत को अपनी आंखों से देखा।
यात्रियों ने CM फडणवीस को दिया धन्यवाद
सुरक्षित लौटे यात्रियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार जताया। योगेश गवांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री की मदद से उन्हें नेपाल से बाहर निकलने और भारत लौटने में सहायता मिली। यात्रियों के मुताबिक, मुश्किल परिस्थितियों में प्रशासन की मदद उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई।
‘घर लौटने की उम्मीद छोड़ चुके थे’
एक बुजुर्ग महिला तीर्थयात्री ने बताया कि नेपाल में हालात इतने खराब हो गए थे कि एक समय उन्हें लगा कि शायद वह दोबारा अपने घर और बच्चों के पास नहीं लौट पाएंगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी बेहद खतरनाक था और उन्होंने अपनी आंखों के सामने लोगों को बहते हुए देखा। सुरक्षित स्थान पर होने की वजह से उनकी जान बच सकी।
नेपाल में फिर बढ़ी भोटे कोशी नदी की चिंता
इधर, नेपाल में बाढ़ का संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने भोटे कोशी नदी को लेकर नई सार्वजनिक सुरक्षा चेतावनी जारी की है। नदी में पानी के बहाव और तेज आवाज में अचानक बढ़ोतरी की सूचना मिलने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में अलर्ट
NDRRMA के मुताबिक, ताजा चेतावनी रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों के लिए जारी की गई है। ये इलाके 26 अगस्त की भीषण बाढ़ से पहले ही बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं। रसुवा में नदी किनारे रहने वाले समुदायों, खासकर नेपाल-चीन सीमा के आसपास के इलाकों को पानी के स्तर पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
इमरजेंसी सेवाओं को रखा गया स्टैंडबाय
नुवाकोट और धादिंग में नदी के आसपास के इलाकों में स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं को स्टैंडबाय पर रखा गया है। NDRRMA ने स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के आधार पर लोगों से भोटे कोशी नदी के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्राधिकरण ने कहा है कि स्थिति से जुड़ी कोई नई जानकारी सामने आने पर आगे अपडेट जारी किया जाएगा।
बाढ़ के बीच यात्रियों और स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता
एक ओर जहां नागपुर के करीब 100 तीर्थयात्री सुरक्षित भारत लौट चुके हैं, वहीं नेपाल में भोटे कोशी नदी के बढ़ते बहाव ने नई चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा रहा है। लगातार खराब मौसम के बीच स्थानीय लोगों और राहत टीमों को किसी भी संभावित खतरे के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
