Trump CNN Ban: डोनाल्ड ट्रंप ने CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से बैन करने की घोषणा की। ट्रंप ने तीनों पर Fake News का आरोप लगाया। जानें क्या है पूरा मामला और इसका Russia Sanctions से क्या कनेक्शन है।
Trump Media Ban 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मुख्यधारा के मीडिया के बीच की तनातनी एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। ट्रंप ने तीन प्रमुख मीडिया घरानों-CNN, MS NOW और Politico-पर "फ़ेक न्यूज़" (झूठी खबरें) फैलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए व्हाइट हाउस में उनके प्रवेश पर तुरंत प्रभाव से पाबंदी लगा दी है।
Truth Social पर तीखा प्रहार और बड़े आरोप
'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने अपने फैसले को खुलकर सही ठहराया। उन्होंने लिखा कि ये संस्थान लगातार उनके प्रशासन के बारे में मनगढ़ंत और एकतरफा खबरें चला रहे हैं। उन्होंने Politico पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान इस संस्थान को जिंदा रखने के लिए 8 मिलियन डॉलर का सरकारी सब्सक्रिप्शन दिया गया, जिसे उन्होंने सीधा "भ्रष्टाचार" करार दिया। इसके अलावा, ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि अगर बाकी मीडिया आउटलेट्स ने भी यही ढर्रा अपनाया, तो उन पर भी इसी तरह का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
प्रेस एक्सेस को लेकर पहले भी हो चुके हैं विवाद
व्हाइट हाउस और प्रेस के बीच कवरेज को लेकर यह खींचतान नई नहीं है। इससे पहले, राष्ट्रपति भवन ने 'एसोसिएटेड प्रेस' (AP) के पत्रकारों की ओवल ऑफिस और एयर फोर्स वन तक पहुंच सीमित कर दी थी। यह विवाद तब शुरू हुआ था जब AP ने मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर "गल्फ़ ऑफ़ अमेरिका" करने के ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के बावजूद पुराने नाम "गल्फ़ ऑफ़ मैक्सिको" का इस्तेमाल जारी रखा था। AP ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी।
रूस प्रतिबंध बिल पर हस्ताक्षर और टैरिफ की चेतावनी
इसी बीच, ट्रंप ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' को भी अपनी मंजूरी दे दी है। अमेरिकी संसद के निचले सदन से पास हुए इस बिल के तहत राष्ट्रपति को उन देशों से आने वाले आयात पर 100 फीसदी तक भारी टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है, जो रूस से कच्चा तेल और गैस खरीद रहे हैं। इस नए प्रावधान के चलते भारत और चीन जैसे प्रमुख ऊर्जा आयातकों पर टैरिफ का बड़ा खतरा मंडराने लगा है।


