नैनीताल की दिव्यांग जयंती देवी ने अद्भुत साहस का परिचय दिया। रात 2 बजे कुत्ते का पीछा करते हुए घर में घुसे तेंदुए को उन्होंने कमरे में कैद कर दिया। बाद में वन विभाग ने तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित रेस्क्यू किया।

उत्तराखंड के नैनीताल की रहने वाली जयंती देवी आज अपने इलाके में 'हीरो' बन गई हैं। शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने जो हिम्मत दिखाई, उसकी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। दरअसल, जयंती देवी घर में अकेली थीं। तभी उनके पालतू कुत्ते का पीछा करते हुए एक तेंदुआ अचानक घर में घुस आया। इतनी खौफनाक स्थिति में भी उन्होंने अपना आपा नहीं खोया और बड़ी ही सूझबूझ से तेंदुए को कमरे में कैद कर दिया।

कुत्ते के पीछे-पीछे घर में घुसा तेंदुआ!

यह पूरी घटना नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लॉक के तल्ली सेठी गांव की है। बीते रविवार की देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच एक तेंदुआ उनके पालतू कुत्ते के पीछे पड़ गया। जान बचाने के लिए कुत्ता भागकर घर के अंदर घुस गया और उसके पीछे-पीछे तेंदुआ भी अंदर आ गया।

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जयंती देवी ने दिखाई गजब की हिम्मत

जयंती देवी ने देखा कि तेंदुआ घर से लगे एक कमरे में घुस गया है। उन्होंने तुरंत खतरे को भांप लिया। वो न तो तेंदुए के पास गईं, न ही शोर मचाकर उसे भगाने की कोशिश की। इसके बजाय, उन्होंने चुपचाप उस कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। जब उन्हें यकीन हो गया कि तेंदुआ अंदर फंस चुका है, तब जाकर उन्होंने शोर मचाया और पड़ोसियों को जगाया। इसके बाद गांव वालों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी।

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जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से लोग परेशान

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। फॉरेस्ट रेंजर मनोज भगत के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। टीम ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया और उसे सुरक्षित बाहर निकालकर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेतालघाट इलाके की बस्तियों के आसपास तेंदुओं की आवाजाही काफी बढ़ गई है। बासगांव, सौनगांव और सिमलखा जैसे आस-पास के गांवों में भी तेंदुआ कई बार पालतू जानवरों को अपना शिकार बना चुका है।