भारत की एजेंसियों ने पहली बार 'जिहादी ड्रग' कैप्टागन जब्त की है। 'ऑपरेशन रेजपिल' के तहत पकड़ी गई इस खेप की कीमत ₹182 करोड़ है। यह ड्रग्स मिडिल ईस्ट जा रही थी और एक विदेशी नागरिक गिरफ्तार हुआ है।
भारत की नशा-विरोधी एजेंसियों के हाथ एक बहुत बड़ी कामयाबी लगी है। एजेंसियों ने देश में पहली बार कैप्टागन ड्रग की खेप पकड़ी है। यह एक एम्फैटेमिन-बेस्ड ड्रग है जिसे 'जिहादी ड्रग' के नाम से भी जाना जाता है। यह खबर इंटरनेट पर वायरल हो गई है।

मामला तब और गरमा गया जब Reddit के एक ग्रुप r/IndianDefence पर इससे जुड़ी एक पोस्ट डाली गई। पोस्ट में लिखा था, "'ऑपरेशन रेजपिल' के जरिए एजेंसियों ने पहली बार कैप्टागन, तथाकथित 'जिहादी ड्रग' को जब्त किया है, जिसकी कीमत 182 करोड़ रुपये है।" इस पोस्ट के बाद यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई।
इस वायरल रेडिट पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के X पर दिए गए बयान का एक स्क्रीनशॉट भी शामिल था। शाह ने इस ऑपरेशन में शामिल अधिकारियों की तारीफ की और ड्रग्स तस्करी को खत्म करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। शनिवार को इस कामयाबी की घोषणा करते हुए शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 'ड्रग-फ्री इंडिया' बनाने के लिए पूरी तरह से समर्पित है।
शाह ने लिखा, "यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 'ऑपरेशन रेजपिल' के जरिए हमारी एजेंसियों ने पहली बार 182 करोड़ रुपये की कैप्टागन, तथाकथित 'जिहादी ड्रग' जब्त की है। मिडिल ईस्ट के लिए जा रही इस ड्रग्स की खेप को पकड़ना और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी, ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की हमारी नीति का एक शानदार उदाहरण है।"
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने आगे कहा, "मैं दोहराता हूं, हम भारत में आने वाले या हमारे क्षेत्र को ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करके देश से बाहर जाने वाले ड्रग्स के हर ग्राम पर नकेल कसेंगे। NCB के बहादुर और सतर्क योद्धाओं को सलाम।"
इंटरनेट पर लोगों ने दी अपनी प्रतिक्रिया
इस बयान के बाद इंटरनेट पर, खासकर Reddit पर, प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। लोगों ने इस बड़ी जब्ती के साथ-साथ भारत में ड्रग्स तस्करी की बड़ी समस्या पर भी बात की। एक यूजर ने उत्तरी भारत में ड्रग्स तस्करी पर चिंता जताते हुए कहा, "पंजाब में पाकिस्तान से हो रही ड्रग्स की तस्करी पर भी कुछ एक्शन लीजिए।" उसने आगे कहा, "यह व्यापार दशकों से बिना किसी नतीजे के चल रहा है, जिसमें अब शायद बीजेपी समेत सभी राजनीतिक दलों के लोग शामिल हैं।"
एक अन्य यूजर ने लिखा, “क्या हम इसका कुछ इस्तेमाल कर सकते हैं? 182 करोड़ बहुत होते हैं।” एक यूजर ने लिखा, "पिछली सरकारों में ड्रग-फ्री इंडिया एक सपना हुआ करता था, जो आज मोदी सरकार और आपके नेतृत्व में HMO के तहत हकीकत बनता दिख रहा है।"
एक और यूजर ने कहा, "सर, बहुत बढ़िया काम, सलाम। लेकिन कृपया पुलिस सुधार भी करें। स्थानीय पुलिस क्या कर रही है? असल में, कोई भी आपराधिक गतिविधि पुलिस की जानकारी या मिलीभगत के बिना नहीं हो सकती। अगर ऐसा नहीं है, तो वे अक्षम हैं, जो कि एक अपराध भी है। जवाबदेही बहुत जरूरी है।"
एक अन्य ने कहा, "नार्को आतंकवाद के बढ़ते खतरे के खिलाफ हमारी एजेंसियों द्वारा किया गया बेहतरीन काम।"
