नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद ग्यिरोंग पोर्ट का 8 सेकंड का Before और After वीडियो सामने आया है। हेलीकॉप्टर से रिकॉर्ड फुटेज में देखें कैसे हरे-भरे इलाके, सड़कें और इमारतें कुछ ही पलों में मलबे में बदल गईं।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की तबाही अब आसमान से रिकॉर्ड किए गए महज 8 सेकंड के वीडियो में साफ दिखाई दे रही है। चीनी बचावकर्मियों द्वारा हेलीकॉप्टर से शूट किए गए ‘Before और After’ फुटेज ने ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट इलाके में हुई तबाही की भयावह तस्वीर सामने रख दी है।

वीडियो के पहले हिस्से में आपदा से पहले का ग्यिरोंग पोर्ट दिखाई देता है। घाटी में बहती नदी, हरी पहाड़ियां, सड़कें, बहुमंजिला इमारतें और बॉर्डर चेकपॉइंट का पूरा ढांचा सामान्य नजर आता है। लेकिन अगले ही दृश्य में वही इलाका पहचानना मुश्किल हो जाता है। कई संरचनाएं मलबे में दब चुकी हैं या पानी के तेज बहाव में बह गईं।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर 362 से ज्यादा मौतें

नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड के बाद 362 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 1,300 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में कम से कम 826 लोग लापता हैं, जबकि चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में तीन लोगों की मौत और 558 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल में दर्जनों पुल तबाह हो गए हैं और करीब 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे राहत और बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया है।

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हेलीकॉप्टर से चल रहा बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

नेपाल सेना ने हेलीकॉप्टर के जरिए 100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बसनेत के मुताबिक, त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े परिसरों में फंसे लोगों को भी निकाला गया है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए काठमांडू भेजा जा रहा है। लगातार खराब मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कें राहत टीमों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

ग्यिरोंग पोर्ट के आसपास 1.5 मीटर तक जमा हुआ मलबा

चीनी सरकारी प्रसारक CCTV के अनुसार, ग्यिरोंग पोर्ट के पास बुधवार को आए बड़े मडस्लाइड के बाद कई इलाकों में औसतन 1.5 मीटर तक कीचड़ और मलबा जमा हो गया। सीमा चौकी तक पहुंचने वाली सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं।

बारिश जारी रहने के कारण प्रशासन ने सेकेंडरी लैंडस्लाइड और नए भूस्खलन की आशंका भी जताई है। इस बीच भारत ने भी बताया है कि पावर प्रोजेक्ट से जुड़े कर्मचारियों समेत उसके 285 नागरिक लापता हैं। यह 8 सेकंड का हवाई वीडियो सिर्फ दो तस्वीरों की तुलना नहीं है, बल्कि हिमालयी क्षेत्र में अचानक आने वाली प्राकृतिक आपदा की उस भयावह ताकत का प्रमाण है, जो कुछ ही पलों में पूरे इलाके का नक्शा बदल सकती है।

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