Nepal Flood Latest Situation :नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 359 हो गई है, जबकि 910 लोग अब भी लापता हैं। मातम के बीच ल्हेंदे नदी के ऊपर एक नई झील बनने से एक और बड़ी बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

काठमांडू : नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 359 तक पहुंच गया है। वहीं, 910 लोग अब भी लापता हैं या उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। अधिकारी तलाशी, बचाव और राहत अभियानों में पूरी ताकत से जुटे हैं। इसी बीच, ल्हेंदे नदी के ऊपरी हिस्से में एक नई झील बनने से एक और बड़ी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।

नेपाल के 8 जिलों में मिलीं 359 लाशें

नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने गुरुवार शाम 6:20 बजे तक के जो ताज़ा आंकड़े जारी किए हैं, उनके मुताबिक आठ ज़िलों से 359 शव बरामद किए गए हैं।

नेपाल में सबसे ज्यादा कहां हुईं मौतें

  • सबसे ज़्यादा 132 मौतें चितवन में हुई हैं। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 82, गोरखा में 30, धाडिंग में 33, नुवाकोट में 28, तनहुं में 22, रसुवा में 17 और नवलपरासी वेस्ट में 15 लोगों की जान गई है।
  • NDRRMA के अपडेट के अनुसार, गोरखा से मिले आंकड़ों में इंसानी शरीर के कई अंग भी शामिल हैं।

जानिए कौन कौन है अभी तक लापता

  • जो 910 लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं, उनमें 28 नेपाल पुलिस के जवान, 44 नेपाली सेना के जवान, 13 सशस्त्र पुलिस बल के जवान, 15 कस्टम ऑफिस के कर्मचारी और चार इमिग्रेशन ऑफिस के कर्मचारी शामिल हैं।
  • ज़िला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) से मिली जानकारी के आधार पर, अकेले रसुवा में 161 लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं, जबकि नुवाकोट में एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है।
  • इस आपदा में 517 विदेशी नागरिक भी लापता या संपर्क से बाहर हो गए हैं। वहीं, नेपाल घूमने आए विदेश में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक भी प्रभावित लोगों की लिस्ट में हैं।
  • अधिकारियों ने 73 लोगों के घायल होने की भी जानकारी दी है, जिनमें रसुवा में 43, धाडिंग में तीन और नुवाकोट में 27 लोग शामिल हैं।

चप्पे-चप्पे पर चल रहा बचाव अभियान

  • बचाव अभियान लगातार जारी है। NDRRMA ने बताया कि प्रभावित इलाकों में कुल 13,295 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
  • इनमें 7,250 नेपाल पुलिस, 4,200 नेपाली सेना और 1,845 सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं।
  • NDRRMA ने यह भी बताया कि गुरुवार को 69 बचाव उड़ानों के ज़रिए 716 लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया।
  • हेलीकॉप्टर ऑपरेशन में 50 विदेशी नागरिकों को भी बचाया गया। इसके अलावा, 756 लोगों को ज़मीनी रास्ते से सुरक्षित निकाला गया।

राहत साम्रगी में पीड़ितों को क्या क्या मिल रहा

राहत अभियान का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। प्रभावित इलाकों में नूडल्स, बिस्किट, स्लीपिंग बैग, गद्दे और कंबल जैसी ज़रूरी चीज़ों से भरे 10 ट्रक भेजे गए हैं। कम्युनिकेशन सेट भी भेजे गए हैं, जबकि चार हेलीकॉप्टर उड़ानों के ज़रिए खाने-पीने का सामान और दूसरी ज़रूरी चीज़ें पहुंचाई गईं।

बाढ़ के बाद नेपाल में एक और बड़ा खतरा

  • बचाव कार्यों में यह तेज़ी एक नई चेतावनी के बीच आई है। ल्हेंदे नदी का रास्ता रुकने के बाद ऊपर एक झील बन गई है, जिससे भोटेकोशी नदी सिस्टम में एक और बड़ी बाढ़ आ सकती है।
  • नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान डिवीज़न ने एक विशेष नोटिस जारी किया है। इसके मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्रालय के ज़रिए चीन से जानकारी मिली है कि नदी उसी जगह पर ब्लॉक हो गई है, जहां बुधवार को विनाशकारी बाढ़ आई थी।
  • इस रुकावट से एक झील बन गई है, जिसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे झील के टूटने का खतरा पैदा हो गया है।
  • जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने कहा, "इस स्थिति को देखते हुए, अगली सूचना तक भोटेकोशी नदी के निचले किनारों के निवासियों, यात्रियों, बचाव कार्यों में लगे लोगों और सभी संबंधित लोगों से अनुरोध है कि वे विशेष सावधानी बरतें और नदी के किनारों और जोखिम वाले इलाकों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहें।"