नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने सब तबाह कर दिया है। घर-दुकान और इंसान तक तिनके तरह पानी में बह गए। अब तक 300 से ज्यादा शव रेस्क्यू टीम वरामद कर चुकी है। बाकी की तलाश जारी है।

नासिक (महाराष्ट्र) : नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में कई भारतीय भी शामिल हैं। वहीं अभी भी कई लोग लापता हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि महाराष्ट्र के नासिक के 40-45 टूरिस्ट्स नेपाल में फंसे हैं। सभी पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं। महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि नेपाल में बाढ़ की वजह से फंसे नासिक के टूरिस्ट्स से संपर्क हो गया है और वे सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

मंत्री ने नेपाल में फंसे लोगों से की बात

महाजन ने बताया कि इन टूरिस्ट्स के परिवार वाले उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे थे, जिसके बाद वे मदद के लिए उनके पास पहुंचे थे। महाजन ने कहा, "टूरिस्ट वहां गए हुए हैं और मेरी उनसे कुछ देर पहले ही बात हुई है। उनके रिश्तेदार मुझसे मिलने आए थे; उन्होंने ही मुझे बताया कि अब संपर्क हो गया है।"

जब नेपाल में आया महाप्रलय

  • यह पूरा मामला बुधवार सुबह का है, जब नेपाल-चीन सीमा पर रसुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में एक ग्लेशियर या बर्फीली चट्टान टूटने की खबर आई। इसके बाद लेंडे खोला नदी में भारी मलबा और पानी का सैलाब आ गया।
  • यह बाढ़ तिब्बत की तरफ से भोटेकोशी नदी में घुस गई और रसुवागढ़ी, तिमुरे और स्याफ्रू बेसी से होते हुए त्रिशूली नदी तक पहुंच गई। इस घटना ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन जिलों में त्रिशूली नदी के किनारे बसे इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया।
  • अधिकारी बाढ़ पीड़ितों के लिए अस्थायी शेल्टर, भोजन, साफ पानी और दवाओं का इंतजाम कर रहे हैं। साथ ही, लापता लोगों को खोजने के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है।
  • नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, गुरुवार को ट्रेकिंग और ट्रैवल कंपनियों से मिले शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित इलाके से 644 यात्री लापता हैं, जिनमें 178 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।