Himalayan Warning: नेपाल में आई भयानक बाढ़ में 200 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 300 भारतीय लापता हैं। जानिए 12 सालों में हिमालयी क्षेत्र को दहलाने वाली 7 सबसे बड़ी आपदाएं।
Himalayan Disaster Alert: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार को आए भीषण बाढ़ ने एक बार फिर पूरे हिमालयी क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। भोटेकोशी नदी में आए उफान, हिमस्खलन और लैंडस्लाइड के चलते अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 300 भारतीय पर्यटकों समेत हजारों लोग अब भी लापता हैं। नेपाल के रसुवा, चितवन और धादिंग जैसे जिलों में पूरा का पूरा इलाका मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। पुल टूट गए हैं, सड़कें बह गईं और पूरे गांव का नक्शा बदल गया है। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब कुदरत ने पहाड़ों पर ऐसा खौफनाक रूप दिखाया हो। पिछले 12 सालों में भारत और नेपाल के हिमालयी इलाकों में एक के बाद एक ऐसी त्रासदियां आई हैं, जिन्होंने इंसानी बस्तियों को उजाड़ कर रख दिया। आइए जानते हैं पिछले 12 सालों की उन 7 बड़ी आपदाओं पर, जिन्होंने भारत और नेपाल को गहरे जख्म दिए...
नेपाल की भीषण मानसूनी बाढ़, सितंबर 2024
काठमांडू घाटी और आसपास के जिलों में साल 2024 में 48 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने नदियों को उफान पर ला दिया था। काठमांडू से जुड़ने वाले सभी हाईवे भूस्खलन की वजह से बंद हो गए थे और 66 से अधिक लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई थी।
उत्तराखंड सिलक्यारा टनल हादसा, नवंबर 2023
उत्तराखंड में साल 2023 में उत्तरकाशी में चारधाम ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत बन रही सिलक्यारा टनल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। टनल के अंदर 41 मजदूर फंस गए थे। पूरे देश की सांसें 17 दिनों तक थमी रहीं, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय और देसी एक्सपर्ट्स की मदद से रैट-माइनर्स ने सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सिक्किम की ल्होनक झील का फटना, अक्टूबर 2023
उत्तर सिक्किम में दक्षिण ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने से झील की प्राकृतिक दीवार टूट गई, जिससे GLOF (Glacial Lake Outburst Flood) की स्थिति बन गई। तीस्ता नदी में आए तेज सैलाब ने चुंगथांग बांध को बहा दिया और सेना के कैंप सहित पूरे रिहायशी इलाके को जलमग्न कर दिया। इस आपदा में 179 लोगों की जान गई थी।
जोशीमठ में जमीन धंसने का संकट, जनवरी 2023
जनवरी 2023 में उत्तराखंड के ऐतिहासिक और धार्मिक शहर जोशीमठ में सैकड़ों मकानों, होटलों और सड़कों पर अचानक चौड़ी दरारें पड़ने लगीं। जमीन धंसने की वजह से 200 से ज्यादा परिवारों को आनन-फानन में अपने घर खाली करने पड़े और कई असुरक्षित इमारतों को ढहाया गया। इसने अनियंत्रित निर्माण पर बड़ा सवाल खड़ा किया।
उत्तराखंड में बेमौसम बारिश का कहर,अक्टूबर 2021
साल 2021 में मॉनसून बीतने के बाद अक्टूबर के महीने में हुई अप्रत्याशित भारी बारिश ने नैनीताल और आसपास के पहाड़ी इलाकों को काट दिया था। जगह-जगह हुए भूस्खलन और सड़कों के बह जाने से 46 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और हजारों पर्यटक कई दिनों तक फंसे रहे थे।
चमोली और धौलीगंगा फ्लैश फ्लड, फरवरी 2021
उत्तराखंड में साल 2021 में नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने से ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों में अचानक भयंकर सैलाब आ गया था। पानी और मलबे की तेज धार ने दो बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स (तपोवन टनल) को तबाह कर दिया। इस हादसे में टनल में काम कर रहे मजदूरों समेत 200 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी।
कश्मीर की जलप्रलय, सितंबर 2014
झेलम नदी में आए रिकॉर्ड उफान ने जम्मू-कश्मीर में 50 साल की सबसे भयानक बाढ़ ला दी थी। श्रीनगर शहर के रिहायशी इलाके कई दिनों तक 10 से 15 फीट पानी में डूबे रहे। इस त्रासदी में भारत की तरफ करीब 200 और सीमा पार 264 लोगों की जान गई थी।


